रीवा : सुबह छत पर धूप लेने गए तो वहां बैठा था शेर, देखते ही मारी दहाड़, जानिए फिर क्या हुआ1 min read

Rewa

रीवा. प्रतिदिन की तरह शहर से लगे ग्राम पड़ोखर में लोगों के लिए शुक्रवार की दिन सामान्य नहीं था। सुबह उठते ही जैसे ही लोग घर के बाहर निकले तो उनको घर की छत में बैठा शेर नजर आया। सुबह करीब पांच बजे सबसे पहले शेर को गांव के लोगों ने अनुज शुक्ला के घर की छत में शेर को बैठे देखा। उस पर नजर पड़ते ही लोगों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। देखते ही देखते पूरे गांव में भगदड़ की स्थिति बन गई। गांव में शेर घुसने की दहशत से लोग घरों के अंदर दुबक गये। शेर आधे घंटे तक गांव में भ्रमण करता रहा। इस दौरान लोगों ने डॉयल 100 को सूचना दी जिस पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस की सूचना पर वन विभाग की टीम भी गांव आ गई। स्थानीय लोगों की मदद से दिनभर गांव में शेर की तलाश की गई लेकिन उसका पता नहीं चल पाया है। शेर से पूरा गांव खौफजदा है अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है।

खेतों में मिले शेर के पदचिन्ह
उक्त शेर जहां-जहां से भी गुजरा वहां उसके पदचिन्ह मिले हंै। अधिकांश खेतों की लोगों ने सिंचाई की थी जिससे मिट्टी गीली होने की वजह से उसके पदचिन्ह साफ नजर आ रहे थे। कई खेतों में उसके पद चिन्ह मिले हंै। वन विभाग के अमले ने भी पदचिन्हों का निरीक्षण किया है। पदचिन्ह किसी वयस्क शेर के बताये जा रहे है। शेर को आखिरबार एक अरहर के खेत के पास देखा गया था उसके बाद वह ओझल हो गया।

पीडि़त के बगल से गुजरा शेर तो बाथरुम में छिपकर बचाई जान
शेर सुबह करीब पांच बजे लोगों की नजर में आया था। इसके बाद वह समीप ही रहने वाले डॉ. कमलेश कुशवाहा के घर के खपरैल घर में छलांग लगाई जिससे उनकी खपरैलयुक्त की छानी का एक हिस्सा टूट गया। छत से नीचे उतारने के बाद शेर पैदल ही रामराज कुशवाहा के बगीचे से गुजर गया। जिस समय शेर गुजरा तो वे संयोग से बगीचे में ही आग जलाकर सेंक रहे थे। शेर को देखकर उनकी हालत खराब हो गई और उन्होने बाथरूम में घुसकर अपनी जान बचाई। इसके बाद वह खेतों से होते हुए आगे निकल गया। वह किस दिशा में गया है इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।

खानापूर्ति कर लौटी वन विभाग की टीम
इस घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम बैसा पड़ोखर गांव पहुंची। टीम ने शेर के पदचिन्हों का जायजा लिया और उसके बाद वापस लौट गई। हालांकि स्थानीय लोगों ने हार नहीं मानी। सुबह से ही लोग हाथों में डंडा लेकर उसकी तलाश में लगे रहे। दिन भर उसकी गांव के अलग-अलग स्थानों में तलाश चलती रही। हालांकि काफी प्रयास के बाद शेर का कुछ भी पता नहीं चला।

स्कूल नहीं गए बच्चे, घर में दुबके रहे लोग
सुबह गांव में शेर घुसने के बाद दहशत का माहौल निर्मित रहा। शुक्रवार को बच्चों की स्कूल की छुट्टी रही। परिजनों ने शेर की मौजूदगी से भयभीत होकर उनको स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं जुटाई। दिनभर लोग शेर की दहशत के कारण खौफजदा रहे। अधिकांश लोग तो घरों में ही दुबके रहे। सबसे ज्यादा चिंतित किसान है जिनको रात में खेतों में पानी लगाना होता है। शेर के कारण अधिकांश लोग खेत में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हंै।

पांच फिट से भी बड़ा था शेर, तीन बार दहाड़ा
बैसा पड़ोखर गांव में शुक्रवार की सुबह घुसा शेर काफी बड़ा था। स्थानीय लोगों की माने तो करीब पांच फिट के लगभग का रहा होगा और उसके शरीर में लाल-लाल धारी बनी हुई थी। शेर गांव में तीन बार दहाड़ा था। अनुज शुक्ला के घर की छत से छलांग लगाने के पूर्व उसने दहाड़ लगाई। दूसरी बार जब वह खपरैल घर की छत से नीचे आया तब दहाड़ा था। थोड़ी देर बाद पुन: शेर ने एक बार दहाड़ा था जिससे लोगों की हालत खराब हो गई।

सुबह बैसा पड़ोखर गांव में शेर घुसने की सूचना मिली थी जिस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। वन विभाग का अमला भी गांव आया था। खेतों में कुछ पदचिन्ह मिले हंै जिनका वन विभाग की टीम परीक्षण कर रही है। गांव वालों के साथ मिलकर शेर को तलाशने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं मिल है। स्थानीय लोगों को अहतियात बरतने की समझाईश दी गई है।
अविनाश पाण्डेय, थाना प्रभारी बिछिया

स्थानीय लोगों ने ये कहा

सुबह शेर घर की छत में बैठा हुआ था। वहां से उतरने के बाद वह खेतों से होकर गांव के बाहर तक आया था। उसे अरहर के खेत के पास मैने आखिरीबार देखा था। इसके बाद शेर कहां गया इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। सभी गांव वाले उसकी तलाश कर रहे है। शेर का विशालकाय रूप अभी भी मेरे आंखों के सामने घूम रहा है।
बृजलाल विश्वकर्मा, स्थानीय निवासी

शेर हमारे घर की छत में बैठा था। सुबह पांच बजे जब हल्ला हुआ तो मैं भी बाहर निकला। हमारे घर की छत के ऊपर ही शेर बैठा था। शेर ने अचानक दहाड़ा तो सभी लोग डर गये। बिना किसी को नुकसान पहुंचाये शेर छानी में कूदा और वहां से होकर चला गया। इतना बड़ा शेर मैने आज तक नहीं देखा। उस समय घर के सभी लोग अंदर ही मौजूद थे।
अनुज शुक्ला, स्थानीय निवासी

हम सुबह पांच बजे नित्यक्रिया के लिए उठे थे। जैसे ही घर से बाहर निकले तो पड़ोसी के घर की छत में शेर देखकर हमारे होश उड़ गये। शेर वहां से उतरकर बगीचे में आया।वहां पर रामराज कुशवाहा आग सेंक रहे थे। शेर को देखते ही वे बाथरूम में छिप गये। इसके बाद शेर बगीचे से निकलकर आगे चला गया।
बृजेश शुक्ला, स्थानीय निवासी

मैं उस समय घर के अंदर ही थी। बीपी की मरीज होने के कारण मैं बाहर नहीं निकली लेकिन मैने दो बार शेर की दहाड़ सुनी थी। इतनी तेज आवाज में शेर ने दहाड़ा जिसे सुनकर हमारी हालत खराब हो गई। काफी देर तक शेर की वजह से अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित रही।
जान्वी शुक्ला, स्थानीय निवासी<

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