REWA : पूर्व सीएम के कार्यक्रम में महिला आरक्षक की हो गई थी मौत, अब….1 min read

Rewa

रीवा. वीआइपी ड्यूटी के दौरान रेल हादसे में महिला आरक्षक की मौत के बाद परिजनों को न्याय नहीं मिल रहा है। पांच माह बीतने के बाद भी विभागीय अधिकारी सहित जिम्मेदार अनजान बने हैं। परिजन आरक्षक को शहीद का दर्जा दिलाए जाने के साथ ही आश्रित सदस्यों को आर्थिक सहायता की राशि की मांग को लेकर अफसरों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं।

स्टेशन पर ही चोटिल घंटों तड़पती रही
जिले के हनुमना क्षेत्र के ढावा गौतमान निवासी विजय द्विवेदी ने वर्तमान मुख्यमंत्री को संबोधित अफसरों को ज्ञापन देकर बताया है कि बेटी विभा द्विवेदी सतना जिले में बतौर महिला आरक्षक के पद पर पदस्थ थी। उचेहरा में जुलाई 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जनआशीर्वाद यात्रा थी। बीआइपी ड्यूटी के दौरान बेटी विभा जनआशीर्वाद यात्रा में शामिल होने के लिए ट्रेन से उचेहरा जा रही थी।स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के दौरान फिसल गई। स्टेशन पर ही चोटिल घंटों तड़पती रही।बाद में दो महिला आरक्षकों ने जीआरपी की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उचेहरा में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में उसे सतना रेफर कर दिया गया था। जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बेटी के मृत के बाद आश्रित परिजनों को आर्थिक मदद के साथ बेटी को शहीद का दर्जा दिया जाए। पांच माह से परिजन भटक रहे हैं। आज तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिजनों को उम्मीद है कि प्रदेश के नए मुख्यमंत्री परिजनों की समस्या को दूर करेंगे।

Facebook Comments