मुस्लिम गड़रिया या हिंदू ऋषि? जानें- किसने की थी अमरनाथ की खोज

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अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है और अमरनाथ यात्रा को हिंदुओं के प्रमुख तीर्थों में से एक माना गया है. अमरनाथ में बर्फ के शिवलिंग की पूजा की जाती है और हर साल लाखों लोग बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं. लेकिन इसकी खोज के पीछे काफी दिलचस्प कहानी है. कहा जाता है कि इसकी खोज किसी मुस्लिम ने की थी.

आइए जानते हैं क्या है कहानी…
बूटा मलिक ने की थी खोज- अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कहा जाता है कि अमरनाथ गुफा की खोज बूटा मलिक नाम के एक मुस्लिम गड़रिया ने की थी. जानवर चराते हुए बूटा की मुलाकात एक साधू से हुई. साधू ने उसे कोयले से भरा एक बैग दिया. बूटा ने घर पहुंचकर जब बैग खोलकर देखा तो कोयले को सोने के सिक्कों में बदला हुआ पाया.

इसके बाद बूटा उस साधू का धन्यवाद करने उस गुफा पहुंचा. हालांकि उस गुफा में वह साधू नहीं मिला. जब बूटा मलिक ने उस गुफा के अंदर जाकर देखा तो बर्फ से बना सफेद शिवलिंग चमक रहा था. इसके बाद से यह यात्रा शुरू हुई.

वहीं दावा किया जाता है कि बटकोट में उसके वंशज रहते हैं. बटकोट में मलिक मोहल्ला है और वहां 11 परिवार रहते हैं उनका बूटा मलिक से रिश्ता है. रिपोर्ट्स के अनुसार गुफा की खोज 1850 में खोज हुई और यात्रा शुरू होने के बाद मलिक के परिवार वाले वहां की देखभाल करते थे.

हालांकि बाद में साल 2000 को एक बिल जारी हूआ था और परिवार को बाहर निकाल दिया गया. पहले परिवार को एक तिहाई हिस्सा मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है. श्राइन बोर्ड के गठन के बाद उसे बेदखल कर दिया गया.

भृगु मुनि ने ढूंढी थी गुफा- वहीं वेबसाइट पर एक और कहानी है कि कश्मीर घाटी पूरी तरह से पानी में डूबी हुई थी और कश्यप मुनि ने वहां नदियों का निर्माण किया और पानी कम होने के बाद घाटी का निर्माण हुआ. उसके बाद भृगु मुनि प्रवास पर गए जहां उन्होंने गुफा की खोज की.

कहा जाता है कि गुफा के बारे में शास्त्रों में लिखा भी गया है. हालांकि, इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया और 150 साल बाद बूटा मलिक ने इसकी खोज की

वहीं पार्वती और शिव के एक विचार- विमर्श से भी इस यात्रा को जोड़ा जाता है. माना जाता है कि पार्वती ने शिवजी से उनकी मुंड माला की बारे में पूछा था, जिसके बाद भोले शंकर ने कहा कि इसके लिए आपको अमरनाथ यात्रा सुननी होगी.