दो-दो मां-बाप होने के बावजूद अनाथालय में मासूम…जानिए पूरा मामला

क्राइम

बरेली: बरेली के जिला महिला अस्पताल से साढ़े 3 साल पहले चोरी हुए नवजात को पुलिस ने चाइल्ड लाइन की मदद से बरामद कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में जिला महिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय और बच्चा खरीदने वाले दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. मां-बाप होने के बावजूद साढ़े तीन साल का आयुष अनाथालय में रहने को मजबूर है. ऐसा तब है जब उसके दो-दो मां-बाप हैं. एक मां-बाप जिन्होंने आयुष को जन्म दिया और दूसरे वो जिन्होंने आयुष को पाला और उसकी परवरिश की. 

दरअसल, आयुष का जन्म साढ़े 3 साल पहले जिला महिला अस्पताल में हुआ था. जन्म के बाद ही उसे चोरी कर 80 हजार रुपये में खन्नू मोहल्ले में रहने वाले सोनू ने खरीद लिया था. सोनू की शादी को कई साल गुजर गए हैं, लेकिन संतान नहीं हुआ. ऐसे में उसकी मुलाकात जिला अस्पताल में काम करने वाले वार्ड ब्वॉय से हुई

वार्ड ब्वॉय ने मौका पाकर एक नवजात बच्चे को गायब कर दिया और सोनू को 80 हजार रुपये में बेच दिया. किसी तरह इसकी जानकारी चाइल्ड लाइन को मिली तो उन्होंने किला पुलिस की मदद से बच्चे को रेस्क्यू कर बरामद कर लिया. बच्चे को इस वक्त बेबी फोल्ड में रखा गया है. पुलिस मामला दर्ज कर वार्ड ब्वॉय की तलाश कर रही है. अभी तक असली मां-बाप के बारे में कोई जानकारी नहीं हासिल हुई है. जिला अस्पताल के तीन साल पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.