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गड़ा धन निकालने के लालच में गई जान, साथी ने ही चढ़ा दी बलि

क्राइम

इंदौर: ‘लालच बुरी बला है’ ये अक्सर सुनने को मिलता है, लेकिन इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में. यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति की गड़ा धन निकालने के लालच में बलि दे दी गई. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग व्यक्ति ने जिसे गड़ा धन प्राप्त करने का तरीका बताया उसी व्यक्ति ने बुजुर्ग को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग को गड़ा हुआ खजाना खोजने की सनक थी. उसके साथ उसका एक दोस्त भी खजाने की खोज में उसका साथ देता था. पुलिस ने बताया कि सेंधवा के प्राचीन किले में मानव-रक्त से पूजा के चक्कर मे बुजुर्ग को उसके ही साथी ने मौत के घाट उतार दिया. आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है. जिला एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है.

तलवार से की गई थी बुजुर्ग की हत्या
दरअसल, नागलवाड़ी थाना क्षेत्र के ओझर में 21 जुलाई की आधी रात को एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, ग्राम ओझर निवासी देवानंद लाखेणा के घर के बाहर एक उम्रदराज आदमी की खून से सनी लाश मिलने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि शव के पास ही एक तलवार भी पड़ी थी. पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर मामला विवेचना में लिया. पुलिस ने लोगों से पूछताछ की तो सामने आया कि मृतक भूरिया यादव (70) निवासी बिलवा डेब थाना राजपुर का रहना वाला है. पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए मृतक के परिजनों के बयान लिए. मृतक की पोती ने पुलिस को बताया कि उसके दादा 20 जुलाई को गांव के रिपुसूदन यादव के साथ गए थे. पुलिस ने रिपुसूदन को हिरासत में लिया और जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो, वो टूट गया.

आरोपी, बुजुर्ग के साथ मिलकर खोजता था खजाना
आरोपी रिपुसूदन ने बताया कि मृतक भूरिया और वो अच्छे दोस्त थे. गड़ा हुआ धन खोजने के चक्कर में अक्सर साथ घूमते रहते थे. एक बार हमने नागलवाड़ी में भी तंत्र-मंत्र के बाद गड्डा खोदा था, लेकिन धन नही मिला. आरोपी ने बताया कि मृतक भूरिया ने बताया था कि सेंधवा के प्राचीन किले में धन गड़ा है. वे दोनों 21 जुलाई को धन निकालने के लिए प्लानिंग करके निकले थे. रास्ते में भूरिया ने बताया कि खजाना निकालने के लिए किले के अंदर मंदिर में मानव-रक्त या मानव बलि देनी पड़ेगी. इस पर आरोपी ने भूरिया को ही मौत के घाट उतार दिया. आरोपी ने कहा कि उसने धन निकालने की सोची थी, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक विजय खत्री ने कत्ल की गुत्थी सुलझाने वाली पुलिस टीम को 10 हजार नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है.