मध्यप्रदेश : गैरो ने नहीं अपनों ने बनाया हवस का शिकार, ऐसे किया सामूहिक दुष्कर्म

क्राइम

खजुराहो। एमपी में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के दावे केवल कागजों में ही दिखाई दे रहे हैं। रेप की घटनाओं को रोकने और अपराधियों पर कानून के खौफ को तिलांजलि रविवार को फिर से दे दी गई जबकि छतरपुर में नाबालिग बालिका के साथ उसके ही तीन परिचितों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया।

बताया जा रहा है कि छतरपुर जिले के खजुराहो थाना क्षेत्र में माखिया पुरवां गांव में ये घटना हुई है। १४ वर्षीय नाबालिग बालिका का रविवार को जिला अस्पताल में मेडिकल करवाया गया जहां रेप की पुष्टि हुई है। पुलिस ने इस घटना में तीनों आरोपियों मोतीलाल कुशवाहा, मोहन कुशवाहा और प्रेमचंद कुशवाहा के खिलाफ केस दर्ज किया है हालांकि सभी आरोपी घटना के बाद से फरार हैं। रेपिस्ट तीनों आरोपी भी नाबालिग हैं और पीड़ित बालिका के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। आरोपियों पर पुलिस ने धारा 376 के अतिरिक्त पॉस्को ऐक्ट की विभिन्न धाराएं लगाई हैं।

गौर हो कि मध्य प्रदेश में महिला अत्याचार, महिला अपराध और महिलाओं से होने वाले बलात्कार के केस कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। १ जुलाई को सतना में मासूम बालिका और इसके पहले मंदसौर में स्कूल बालिका से रेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। स्थिति ये है कि एनसीआरबी द्वारा महिलाओं से रेप होने वाले केसों में एमपी का नाम सबसे आगे होने की शर्मनाक रिपोर्ट भी पुलिस और प्रशासन को जागरुक नहीं कर पा रही है। इस वर्ष की एनसीआरबी रिपोर्ट भी कहती है कि रेप के अधिकतम केसेस में पीड़िता का परिचित ही उससे कुकृत्य करता है और ऐसी घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है।