अब कटनी में 5 वर्षीय बच्ची से रेप, स्कूल लाने ले जाने वाले ऑटो चालक की दरिंदगी की शिकार हुई बच्ची

अब कटनी में 5 वर्षीय बच्ची से रेप, स्कूल लाने ले जाने वाले ऑटो चालक की दरिंदगी की शिकार हुई बच्ची

कटनी क्राइम जबलपुर मध्यप्रदेश

मंदसौर, सतना, सागर के बाद अब दरिंदगी की शिकार हो गई कटनी की 5 वर्षीय मासूम बच्ची


कटनी। एमपी में बच्चियों से रेप का सिलसिला थमता नज़र नहीं आ रहा है, मंदसौर, सतना, सागर के बाद अब कटनी की भी एक मासूम बच्ची दरिंदगी की शिकार हो गई। यहाँ माता पिता जिस आटो चालक पर भरोसा कर अपनी बच्ची को उसके आटों से स्कूल भेजा करते थे, उसी ने पांच साल की बच्ची के साथ दुकृत्य कर मानवता को तार तार कर दिया।

पुलिस ने आरोपाी को गिरप्तार कर उसे जेल भेज दिया है। जिला मुख्यालय में सामने आए एक सनसनीखेज मामले में ऑटो चालक ने उस बच्ची के साथ ही अश्लील हरकत की। जिस ऑटो चालक के हाथों बच्ची के माता पिता ने पढ़ाई के लिए स्कूल से घर और घर से स्कूल ले जाने की जवाबदारी सौंपी थी। ऑटो चालक इस हरकत के बाद दूसरे ऑटो चालक भी निंदा कर रहे हैं।

प्रतिष्ठित स्कूल की छात्रा थी पीड़ित बच्ची
कोतवाली पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक राजकुमार कोल (33) वर्ष निवासी नदीपार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ धारा 376 (आई), 323, 3/4 पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। टीआई कोतवाली शैलेष मिश्रा ने बताया कि 5 साल की बच्ची के माता-पिता ने कुछ दिन पूर्व ही शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा पहली में बालिका का एडमिशन करवाया था। उसे स्कूल लाने ले जाने के लिए एक ऑटो किया था। इस ऑटो में अन्य बच्चे भी जाते थे। पिछले 3 दिनों से ऑटो चालक बच्ची के साथ अश्लील हरकत कर रहा था।

सुनसान जगह पर ले जाता था लड़की को
टीआई ने बताया कि बीते दिनों ऑटो चालक सभी बच्चों को छोड़ने के बाद इस बच्ची को सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसके साथ अश्लील हरकतें की। बच्ची ने शुक्रवार सुबह यह बात माता पिता को बताई। इसके बाद पालक दिन भर विचार करते रहे कि क्या किया जाए। रात में विचार किया कि घटना की रिपोर्ट हर हाल में थाने में दर्ज करवाई जाए।

शुक्रवार रात 10 बजे माता-पिता रिपोर्ट दर्ज करवाने कोतवाली थाने पहुंचे। TI को सारी बात बताई। इसके बाद रात में 1 बजे मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस बच्ची का मेडिकल परीक्षण करवाने उसे जिला अस्पताल लेकर गई। जिला अस्पताल में एक्सपर्ट के नहीं होने के बाद बच्ची को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया।