छात्रा के सुसाइड के बाद चक्काजाम, आरोपी की मां बोली: पुलिस को पैसा जाता है, वह मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती

इंदौर क्राइम

इंदौर. रोज-रोज हो रही छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 10वीं की छात्रा ने गुरुवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा को न्याय दिलाने परिजन और क्षेत्रवासी शुक्रवार सुबह सडक़ पर उतर आए। गुस्साए लोगों का आरोप है कि आरोपी की मां उन्हें खुली धमकी देती है कि पुलिस को पैसा जाता है, वह मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। पुलिस मेरी जेब में रहती है। प्रदर्शन करने पहुंची महिलाओं ने पुलिस को जमकर खरी-खोटी सुनाई। परिजनों का साथ देने कांग्रेस नेत्री अर्चना जायसवाल सहित कई नेता पहुंचे। अर्चना जायसवाल ने कहा कि एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने से कुछ नहीं होगा। पूरा थाना सस्पेंड होना चाहिए। बच्ची जब तीन दिन से फरियाद लेकर जा रही थी तो सुनवाई क्यों नहीं हुई। मप्र पुलिस दबाव में काम कर रही है, इसलिए मप्र क्राइम हब बनता जा रहा है। प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

सीएसपी एसकेएस तोमर ने कहा कि मृतका की कार्रवाई नहीं करने पर एसआई ओंकार कुशवाह को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं युवक पर केस दर्ज कर उसे और उसके माता-पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, दोषी को बख्सा नहीं जाएगा।

यह है मामला

10वीं कक्षा में पढऩे वाली छात्रा को कॉलोनी का ही युवक मिलन चौहान कई दिनों से परेशान कर उस पर दोस्ती के लिए दबाव बना रहा था। उसका स्कूल में आते-जाते पीछा करता रहता था। उसने किशोरी के कुछ फोटो भी फेसबुक पर अपलोड कर दिए थे। किशोरी के पिता की दूध डेयरी है। किशोरी का परिवार मिलन पर कार्रवाई की शिकायत लेकर दो बार द्वारकापुरी थाने पर भी गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजन के मुताबिक, गुरुवार को भी युवक ने किशोरी को परेशान किया था। पुलिस की मदद नहीं मिलने से वह और ज्यादा तनाव में चली गई और फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या की सूचना से रहवासी आक्रोशित हो गए और थाने का घेराव कर दिया। गुस्साए लोग आरोपी का मकान जलाने आगे बढ़े तो एएसपी एसके एस तोमर ने स्थिति को संभाला।