कोष्टा हत्याकाण्ड का खुलासा: AK-47 से गोली मारकर आर्मी जवान ने की थी बचपन के दोस्त की हत्या

रीवा में हुए कोष्टा हत्याकाण्ड का खुलासा: AK-47 से गोली मारकर आर्मी जवान ने की थी बचपन के दोस्त की हत्या

क्राइम रीवा

रीवा। रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोष्टा में गोली चालन की घटना के बाद रहस्यमय ढंग से लापता हुये युवक की हत्या किये जाने का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा रविवार शाम पुलिस कंट्रोल में किया। जमीन की खरीदी बिक्री को लेकर हुये विवाद के बाद सेना के जवान ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने युवक की हत्या करने के बाद शव को क्योंटी जलप्रपात में फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने घटना के दो सप्ताह बाद शुक्रवार को आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया था। जबकि वारदात मे प्रयुक्त की गई एके-47 रायफल सहित 3 मैगजीन में 87 राउण्ड कारतूस पुलिस ने आरोपी के रिश्तेदार के घर से जत किया है।

मामले में पुलिस ने आर्मी जवान सहित उसके भाई व एक रिश्तेदार को गिरतार किया है, जिन्हें न्यायालय में पेश कर 7 दिन की रिमाण्ड में लिया गया है। जबकि रिश्तेदार को जेल भेज दिया गया है। हत्या की इस वारदात का खुलासा पुलिस अधीक्षक सुशांत ससेना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार सिंह एव उपपुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव और रायपुर थाना प्रभारी ओमेश मार्को ने प्रेसवार्ता के दौरान किया।

आतंकवादियों के ठिकाने से मिली थी रायफल 

घटना के मुख्य आरोपी आर्मी जवान को घटना में कारित हथियार रायफल आतंकवादियों के ठिकाने से मिली थी. आरोपी जवान उस वक़्त जम्मू कश्मीर में तैनात था, उस रायफल की जमा करने की बजाय जवान ने रायफल को अपने घर में लाकर छिपा दिया था. 

यह थी घटना

पुलिस के मुताबिक 16 जून की रात 11 बजे ग्राम कोष्ठा में कार के अंदर गोली चलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल पर खून के छीटे, चप्पल, एक मोबाइल फोन, शराब की बॉटल व 2 कारतूस के खोखे मिले थे, जबकि मौके पर न तो कोई घायल मिला और न ही कोई आरोपी। घटनास्थल के निरीक्षण के उपरांत पुलिस ने जांच में पाया कि मौके से मिला मोबाइल सुरेश गौतम उर्फ नीलू पिता रामलला गौतम 25 वर्ष निवासी मठा हाल मुकाम खुटेही विश्वविद्यालय का था, जो 16 जून की शाम से गायब था। घटनास्थल पर मिले साक्ष्य और युवक के लापता होने पर प्रथम दृष्ट्या हत्या की आशंका जाहिर करते हुये पुलिस पतासाजी में जुटी रही। लापता युवक के गुमशुदगी मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर मनगवां थाना के मझगवां निवासी धीरेन्द्र सिंह उर्फ धीरू पिता कल्याण सिंह एवं उसके छोटे भाई नागेन्द्र सिंह उर्फ शिबू को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने लापता युवक सुरेश उर्फ नीलू की हत्या करना स्वीकार कर लिया और शव को सिरमौर थाना अतंर्गत योंटी जलप्रपात में फेंकना बताया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही में शव को बरामद कर उनके विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर कार्यवाही की।

बचपन के दोस्त थे आरोपी और मृतक

पुलिस के मुताबिक वारदात के मुय आरोपी धीरेन्द्र और नागेन्द्र दोनों मृतक नीलू के पड़ोसी होने के साथ ही बचपन के दोस्त थे और साथ ही स्कूल में पढ़े भी थे। आरोपियों से बचपन की दोस्ती होने के कारण मृतक जमीन का सौदा तय करने के लिये उनके बुलाने पर चला गया। बताया गया कि आरोपी युवक को कार में बैठाकर अपने साथ लाए और कोष्टा में शराब पीने के बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

शराब की बॉटल से खुला हत्या का राज

घटना के बाद मौके से मिली शराब की बॉटल से पुलिस संदेहियों तक पहुंची। बताया गया कि जिस ब्राण्ड की शराब की बॉटल पुलिस ने जत की थी वह पंजाब में सेना के कैण्टीन में ही उपलध होती है। शराब की बॉटल से पुलिस लापता नीलू के दोस्त सेना के जवान धीरू तक पहुंची। संदेह के आधार पुलिस ने जब धीरू और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने मिलकर हत्या की वारदात को कारित करना बताया।