रांग नंबर से शुरू होकर 4 साल तक चली इंजीनियर की लव स्टोरी, दूसरी शादी के लिए किए बीवी के 7 टुकड़े

क्राइम

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने सरिता विहार इलाके में बैग व कार्टन में महिला के शव के टुकड़े मिलने की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने महिला जूही के पति और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पति ने खुलासा किया कि दूसरी युवती से शादी करने के लिए उसने अपने एक भाई के साथ पत्नी के शरीर के सात टुकड़े कर दिए थे। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी और मृतक जूही की लव मैरिज थी जो एक रांग नंबर से शुरू हुई थी। पढ़ें कैसे 4 सालों तक चली लव स्टोरी के बाद हुई शादी और फिर उसका इतना विभत्स अंजाम….

साजिद अली ने बताया कि वर्ष 2010 में गलती से उसका फोन छपरा, बिहार निवासी जूही को लग गया था। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। साजिद जूही से मिलने छपरा जाने लगा। और इस तरह दोनों की प्रेम कहानी आगे बढ़ने लगी।
जूही ने बीए ऑनर्स (साइकोलॉजी) किया हुआ था। मो. साजिद ने कुरुक्षेत्र मेकेनिकल इंजीनियरिंग से बी.टेक किया था। वर्ष 2014 में दोनों ने शादी कर ली थी। उनकी ढाई व डेढ़ वर्ष की दो बच्चियां हैं। शादी के बाद जूही के परिवारवालों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे।

घर का खर्च चलाने पर भी होता था झगड़ा वर्ष 2016 में दोनों दिल्ली आ गए। मो. साजिद कोई नौकरी नहीं करता था। घर का खर्चा नहीं चलने पर दंपती के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा। इस दौरान मो. साजिद दूसरी युवती के संपर्क में आ गया। वह उससे मोबाइल पर बातचीत, चैटिंग व कॉल करता रहता था। वह पटना में रहने वाली इस दूसरी युवती से शादी करना चाहता था। इसीलिए उसने जूही की हत्या करने की साजिश रची।

ऐसे हुआ खूबसूरत प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत पति ने खुलासा किया कि दूसरी युवती से शादी करने के लिए उसने अपने एक भाई के साथ पत्नी के शरीर के सात टुकड़े कर दिए थे। इसके बाद उसने अपने दूसरे भाई के साथ इन टुकड़ों को कार्टन व बैग में रखकर सरिता विहार इलाके में खाली प्लॉट में फेंक दिया था। पहचान मिटाने के लिए आरोपियों ने महिला का चेहरा भी चाकू से गोद दिया था। पुलिस ने कार्टन पर लिखे गुरुग्राम स्थित मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम से इस गुत्थी को सुलझाया। मुख्य आरोपी ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की हुई है।

दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, सरिता विहार के ओखला टैंक जंगल के पास खाली प्लाट में एक बैग व कॉर्टन 21 जून को सुबह सवा आठ बजे मिले थे। खोलने पर इनमें सात टुकड़ों में महिला का शव मिला। कार्टन को रस्सी व टेप से बांधा गया था। बैग में कोहनी से ऊपर दोनों हाथ, घुटने से नीचे पैर, एक जांघ व सिर और कार्टन में घड़ था। चेहरे को चाकू से बुरी तरह गोदा हुआ था, ताकि महिला की पहचान नहीं हो सके।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा की देखरेख में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर रामनिवास, एसआई बेंकटेश व नागेंद्र नागर की टीम कार्टन पर लिखे गुरुग्राम स्थित मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के पते पर पहुंची। पता चला कि इस कार्टन में अलीगढ़ निवासी जावेद का यूईए से अलीगढ़ के लिए सामान आया था। जावेद का दिल्ली के शाहीन बाग में भी मकान है। जावेद ने सामान के कुछ कार्टन दिल्ली के मकान में डाल दिए थे और कुछ मेड ले गई थी।

मेड के पास सभी कार्टन मिल गए। जावेद ने बताया कि उसने मकान को बिहार निवासी साजिद अली अंसारी व उसके भाई इश्तियाक आलम को किराए पर दे रखा है। पुलिस घर पहुंची तो मकान बंद था। जांच के बाद पुलिस ने मो. साजिद अली अंसारी उर्फ बबलू (26) को शाहीन बाग में रहने वाले उसके भाई हसमत अली के घर से गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद इसके भाई मो. इश्तियाक आलम अंसारी (28) और मो. हसमत अली अंसारी (46) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चॉपर (लकड़ी काटने वाला दाव) बरामद कर लिया गया। मो. साजिद ने भाइयों के साथ मिलकर पत्नी जूही की हत्या और शव के टुकड़े करने की बात कबूल कर ली है।