काले रंग पर ससुराल वाले मारते थे ताना, भोज के खाने में मिला दिया जहर

क्राइम

महाराष्ट्र के रायगड़ में एक महिला ससुराल वालों द्वारा काले रंग को लेकर ताना मारने से इतनी नाराज हुई कि उसने भोज के खाने में ही जहर मिला दिया, जिसे खाकर 5 रिश्तेदारों की मौत हो गई, जबकि 120 लोग बीमार पड़ गए. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है और महिला ने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि महिला ने सांप को मारने वाला जहर दाल में डाल दिया था.

पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय प्रादन्या सुर्वासे दरअसल अपने पति की हत्या करना चाहती थी. आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि उसका पति और ससुराल वाले उसके काले रंग का हमेशा मजाक उड़ाते रहते थे और उसकी बनाए खाने की भी बुराइयां करते रहते थे.

पुलिस ने बताया कि महिला मुंबई से 70 किलोमीटर दूर रायगड जिले के खलापुर की रहने वाली है और सोमवार को अपने एक रिश्तेदार सुभाष माने के यहां आयोजित भोज में हिस्सा लेने के लिए महाड आई हुई थी. हालांकि महिला को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस का कहना है कि महिला की दो साल पहले शादी हुई थी और शुरू से ही ससुराल वाले उसके काले रंग के लिए उसे ताना मारते थे. साथ ही ससुराल वाले स्वादिष्ट खाना न बना पाने को लेकर भी उसे लगतार प्रताड़ित करते रहते थे. महिला ने अपना सास सिंधु सुर्वासे पति सुरेश गोविंद सुर्वासे, अपने दोनों ननदों उज्ज्वला पवार और ज्योति अशोक कदम, सास की बहन सरिता माने और सरिता के पति सुभाष माने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.

पुलिस ने बताया कि प्रादन्या सुर्वासे की यह दूसरी शादी है. महिला का आरोप है कि उल्का शिंदे नाम की उसकी एक महिला रिश्तेदार ने उसके चरित्र पर दाग लगाकर उसकी पहली शादी तुड़वा दी थी. उसका कहना है कि उल्का शिंदे उसी तरह अब उसकी दूसरी शादी भी तुड़वाने की कोशिश कर रही है.

प्रादन्या सुर्वासे के रिश्तेदार सुभाष माने ने सोमवार को गृह प्रवेश के अवसर पर भोज का आयोजन किया था. गृह प्रवेश की पूजा-पाठ के बाद दोपहर 2:30 बजे के करीब भोज शुरू हुआ. खाना गांव के ही एक महाराज ने बनाया था. खाना खाने के कुछ ही घंटे बाद लोग मिचली, उल्टी आने और पेट दर्द की शिकायत करने लगे.

तबीयत बिगड़ने के चलते करीब 88 लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा. जहरीला खाना खाने से मरने वालों में तीन बच्चे शामिल हैं. उल्का शिंदे के बेटे ऋषिकेश की भी मौत हो गई. पुलिस ने एक-एक कर खाना परोसने वालों से पूछताछ शुरू की तो प्रादन्या सुर्वासे ने अपने जुर्म स्वीकार कर लिया.