आतंकी की लाश को सेना ने सड़क में घसीटा, भड़क उठें मानवाधिकार की वकालत करने वाले1 min read

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श्रीनगर। भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी को मौत के घाट उतारा और सड़क पर घसीटते हुए ले गए। इसकी तस्वीर वायरल होने के बाद मानवाधिकार की वकालत करने वाले भड़क गए हैं। सेना की इस कवायद को बर्बर करार दिया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, बीते गुरुवार को सेना ने जम्मू के धिहिटी गांव में सात घंटे चले मुठभेड़ के बाद जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया था। इस कार्रवाई में 3 सैन्य अधिकारियों समेत 12 सुरक्षाकर्मी जख्मी हुए थे। ये आतंकी सांबा सेक्टर से भारतीय सीमा में घुसे थे।

तीनों आतंकियों के शव मिलने के बाद अभियान खत्म हो गया था। उसी वक्त की एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें जवान एक मृत आतंकी को रस्सियों से बांधकर सड़क पर घसीटते हुए ले जा रहे हैं। अब इस बात के लिए सेना की आलोचना हो रही है कि उन्होंने शव का अपमान किया।

कश्मीर घाटी में मानवाधिकार की आवाज उठाने वाले खुर्रम परवेज ने ट्वीट किया कि यह भारतीय सेना के मानवाधिकार का सबूत है। वहीं कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार अहमद अली फय्याज का कहना है कि कोई कानून, कोई इंटरनेशनल प्रोटोकॉल यह अनुमति नहीं देता कि आतंकियों के शव के साथ ऐसा बर्ताव किया जाए।

सेना की ओर से कोई जवाब नहीं आया है कि एक बड़ा धड़ा सेना के साथ भी खड़ा न जर आ रहा है। रक्षा विशेषज्ञ गौरव आर्य ने सेना का बचाव करते हुए ट्वीट किया है कि कई बार आतंकियों के शरीर पर भी विस्फोटक पदार्थ बंधे होते हैं। इसलिए यह सावधानी बरती जाती है। यह कॉमन सेंस है।

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