एक देश एक चुनाव पर मोदी ने दिया जोर, कहां इन्हे देना चाहिये सुझावं

एक देश एक चुनाव पर मोदी ने दिया जोर, कहां इन्हे देना चाहिये सुझावं

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

एक देश एक चुनाव पर मोदी ने दिया जोर, कहां इन्हे देना चाहिये सुझावं

नईदिल्ली। एक देश एक चुनाव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोर देते हुए कहां कि इस पर सोच-विचार करने की जरूरत है। उन्होने कहां कि पीठासीन अधिकारी इस पर गाइड कर सकते है। प्रधानमंत्री ने यह बात संविधान दिवस के मौके पर गुरुवार को ऑल इंडिया प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहीं।

एक देश एक चुनाव पर मोदी ने दिया जोर, कहां इन्हे देना चाहिये सुझावं

उन्होने कहां कि पूरी तरह डिजिटाइजेशन का समय आ गया है। ऐसे में पेपरलेस तरीकों पर जोर देना चाहिए। उन्होने बताया कि संविधान सभा इस बात को लेकर एकमत थी कि भारत में बहुत सी बातें परंपराओं से स्थापित होंगी।

विधानसभा में चर्चा से ज्यादा से ज्यादा लोग कैसे जुड़ें, इसके लिए कोशिशें होनी चाहिए। जिस विषय की सदन में चर्चा हो, उनसे संबंधित लोगों को बुलाया जाए। मेरे पास तो सुझाव हैं, लेकिन आपके पास अनुभव है।

सरल भाषा में हो संविधान

प्रधानमंत्री ने कहां कि संविधान की अपेक्षा है कि देश के हर नागरिक का आत्मविश्वास बढ़े। यह तभी होगा, जब हम कर्तव्यों को प्राथमिकता देंगे। लेकिन पहले के दौर में इसे ही भुला दिया गया। संविधान में हर नागरिक के लिए कर्तव्यों का जिक्र है। संविधान की भाषा ऐसी होनी चाहिए, जो सबको समझ में आए।

आतंकी हमले पर जताई चिंता

आज ही के दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले पर मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मुंबई हमले के जख्म भारत भूल नहीं सकता। नया भारत नई रीति-नीति के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है।

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