परीक्षा रद्द करने की मांग पर 4000 से ज्यादा छात्रों ने दिनभर भूख हड़ताल की, डरे छात्रों ने बताई अपनी परेशानी

परीक्षा रद्द करने की मांग पर 4000 से ज्यादा छात्रों ने दिनभर भूख हड़ताल की, डरे छात्रों ने बताई अपनी परेशानी

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परीक्षा रद्द करने की मांग पर 4000 से ज्यादा छात्रों ने दिनभर भूख हड़ताल की, डरे छात्रों ने बताई अपनी परेशानी

नई दिल्ली (विपिन तिवारी)  : देशभर से छात्रों ने मांग की है कि कोविड-19 (Covid-19) के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीबीएसई (CBSE) के कंपार्टमेंट की परीक्षाएं रद्द की जाएं और यूजीसी-नेट (UGC-NET), क्लैट (CLAT), एनईईटी (NEET) और जेईई (JEE) की प्रवेश परीक्षाएं स्थगित की जाएं। परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करते हुए 4000 से अधिक छात्रों ने दिनभर की भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। 

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वामपंथी दलों के समर्थन वाले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने छात्रों की मांगों के प्रति एकजुटता दर्शाई है। आईसा के मुताबिक 4200 से अधिक छात्रों ने अपने घरों पर दिनभर की भूख हड़ताल करते हुए 10वीं और 12वीं कक्षाओं के सीबीएसई के कंपार्टमेंट की परीक्षाएं और यूजीसी-नेट, क्लैट, एनईईटी और जेईई को स्थगित करने की मांग की। छात्रों ने ट्विटर पर #SATYAGRAH_AgainstExamsInCovid मुहिम चला रखी है और सरकार से मांगों पर ध्यान देने की अपील की है।

कर्नाटक से जेईई के उम्मीदवार मनोज एस. ने कहा कि हमें सुबह 7 बजे जेईई परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करनी है। मेरा केंद्र करीब 150 किलोमीटर दूर है और वर्तमान में ट्रेन या बस की सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। मेरे कई दोस्तों ने बताया कि उनके परीक्षा केंद्र 200 से 250 किलोमीटर दूर हैं। हम कैसे यात्रा करेंगे? हम सात से 8 घंटे तक मास्क पहनकर परीक्षा कैसे देंगे? उन्होंने सरकार से अपील की कि स्थिति सामान्य होने तक परीक्षाएं स्थगित की जाएं।

ओडिशा की अनीशा ने कहा कि सभी होटल और अतिथिगृह बंद हैं, परीक्षा के लिए यात्रा करने की स्थिति में कहां ठहरेंगे। उसने कहा कि मैं बालासोर की हूं और एनईईटी का परीक्षा केंद्र भुवनेश्वर में है। परीक्षा देने के लिए मुझे पांच घंटे की यात्रा करनी होगी। कोई भी होटल या अतिथिगृह खुला हुआ नहीं है। हम कहां ठहरेंगे?

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सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा के उम्मीदवार सिद्ध दत्त ने कहा कि मैं अस्थमा का रोगी हूं। मुझे डर है कि अगर कोविड-19 मुझे हुआ तो क्या होगा। मधुरिमा ने कहा कि उसे चार अलग-अलग परीक्षाएं देनी हैं और वह चाहती है कि अधिकारी उसकी बात सुनें- ‘कृपया टीका विकसित कीजिए ताकि हम परीक्षाएं दे सकें। मैं जेईई, आईआईएसईआर, डीयूईटी की उम्मीदवार हूं और दूसरी प्रवेश परीक्षाएं भी देनी हैं।’

बिहार के भागलपुर के मोहम्मद दानिश खान ने कहा कि उन्हें पटना में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है जो कोविड-19 का हॉटस्पॉट है। कोलकाता की कॉमन लॉ प्रवेश परीक्षा (क्लैट) की एक उम्मीदवार ने कहा कि इस समय वह अपने माता-पिता की सुरक्षा को लेकर भयभीत है।

उसने कहा कि मेरे पिता को मधुमेह है और मेरी मां का ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ है। अगर वे अलग-अलग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर मुझे परीक्षा केंद्र तक छोड़ने जाते हैं तो उन्हें खतरा है। सरकार हमारी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है। आईसा ने छात्रों की मांगों के प्रति एकजुटता दिखाई है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक दिन पहले केंद्र सरकार से अपील की थी कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए जेईई और एनईईटी की प्रवेश परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं।

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा कि हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जेएनयू समेत कुछ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को यूजीसी नेट की परीक्षा तारीख को लेकर पत्र लिखा है।

उन्होंने ट्वीट किया कि हम अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि परीक्षाएं आयोजित कराने से पहले मुद्दे का तर्कसंगत समाधान करें। कोविड-19 महामारी को देखते हुए केंद्र ने 16 मार्च से कक्षाएं बंद करने की घोषणा की थी जिसके बाद देशभर के विश्वविद्यालय और स्कूल बंद हैं।

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