12 दिन पहले ही फैली थी करुणानिधि के मौत की अफवाह, सदमे और अफवाह ने ले ली 20 से ज्यादा फैन्स की जान

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

तमिलनाडु के 5 बार मुख्यमंत्री और 50 साल तक द्रविण मुनेत्र कषगम (डीएमके) के प्रमुख रहे एम करुणानिधि का मंगलवार को 94 साल की उम्र में निधन हो गया। वे पिछले 11 दिनों से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे और काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से 12 दिन पहले ही उनकी मौत की फेक न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

क्या था इस वीडियो में?
– दरअसल, यूट्यूब पर 27 जुलाई को एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें करुणानिधि का निधन होने का दावा किया गया था। यूट्यूब पर करुणानिधि की मौत की खबर का वीडियो सूप बॉयज क्रिएशन नाम के चैनल ने 29 जुलाई को अपलोड किया गया था। उससे पहले 27 जुलाई को तमिल किसू किसू चैनल ने भी करुणानिधि की मौत की खबर का वीडियो अपलोड किया था। इन वीडियोज़ में करुणानिधि स्ट्रेचर पर लेटे हुए थे।

क्या थी इसकी सच्चाई?
– वीडियो में करुणानिधि की स्ट्रेचर पर लेटे हुए उस वक्त फुटेज को दिखाया गया था, जब वे कावेरी अस्पताल में भर्ती होने जा रहे थे। इसी के आधार पर लोगों ने उनकी मौत की झूठी खबर फैला दी थी।
– इसके बाद कावेरी अस्पताल ने भी एक बयान जारी कर इसे महज अफवाह बताया था। इस बयान में अस्पताल की तरफ से कहा गया था कि ‘करुणानिधि की तबीयत अक्टूबर 2016 से खराब है, जिसके बाद से उनके घर पर उनका इलाज चल रहा है। वे इलाज के लिए कई बार अस्पताल भी आ चुके हैं।’

सदमे-अफवाह से 20 से ज्यादा की गई जान : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फेक वीडियो की वजह से करुणानिधि के 4 समर्थकों की भी शॉक की वजह से मौत हो गई थी। मुंबई मिरर ने मुरासोली (डीएमके का मुखपत्र) के हवाले से कहा था कि इस अफवाह की वजह से चार लोगों की जान गई है। इनमें डीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एन नल्लूस्वामी और पार्टी समर्थक कंगन, सेंथुरपांडियन और आर हंसाकुमार की मौत शॉक की वजह से हो गई थी।
– वहीं 27 जुलाई को करुणानिधि की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी सदमे की वजह से 20 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।

पिछले साल भी फैली थी मौत की झूठी खबर :पिछले साल सितंबर में भी करुणानिधि की तबियत बिगड़ने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की झूठी खबर फैली थी। जिसके बाद डीएमके नेता टीआर बालू ने इसे अफवाह बताया था। इसके अलावा नवंबर 2017 में सोशल मीडिया पर करुणानिधि की मौत की अफवाह फैली थी।