आयुष मंत्रालय द्वारा इसे 'Covid-19 Management' कहने के बाद जल्द ही कोरोनिल दुकानों में होगा

Coronil / Patanjali का U-turn, Coronavirus की दवा नहीं बनाई

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

नई दिल्ली. Coronil पर पतंजलि (Patanjali) ने U-turn लिया है. उत्तराखंड आयुष विभाग की नोटिस पर Patanjali ने जबाव देते हुए कहा है कि उन्होंने Coronavirus की दवा नहीं बनाई है. हाल ही में योगगुरु बाबा रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने जोरों शोरों से Coronil लांच करते हुए इसे Coronavirus की दवा होने का दावा किया था. 

आयुष मंत्रालय के नोटिस से घिर जाने के बाद कोरोना की दवा बना लेने के अपने दावे से स्वामी रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved) पलट गई है.

उत्तराखंड के आयुष विभाग को भेजे गए नोटिस के जवाब में पतंजलि की ओर से कहा गया है कि उन्होंने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया. बल्कि उन्होंने एक ऐसी दवाई बनाई है जिससे कोरोना के मरीज ठीक हुए हैं.

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पतंजलि आयुर्वेद के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण का कहना है, ‘पतंजलि आयुर्वेद अब भी अपने दावे और दवा पर कायम है. हमने कभी भी कोरोना की दवा बनाने का दावा नहीं किया है.

सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति लेकर जो दवाई बनाई गई है, उससे कोरोना के मरीज भी ठीक हुए हैं. आयुष विभाग की ओर से जारी नोटिस का जवाब दे दिया गया है.’

बीती 23 जून को पतंजलि आयुर्वेद ने राजस्थान की निम्स यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना की दवा बनाने का दावा किया था. इस दवा का नाम कोरोनिल और श्वासारी बटी रखा गया था.

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योग गुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन की उपस्थिति में हरिद्वार में कोरोनिल को लॉन्च किया गया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पतंजलि आयुर्वेद की ओर से यह दावा भी किया गया था कि कोरोना मरीजों पर इसका क्लिनिकल टेस्ट भी किया गया है.

हालांकि इसके ठीक बाद स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद के इस दावे को नकार दिया. मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि की ओर से कोरोना की दवा बनाने के लिए लाइसेंस नहीं लिया गया है.

वहीं उत्तराखंड के आयुष विभाग ने भी कहा था कि पतंजलि आयुर्वेद की ओर से इम्यूनिटी बूस्टर बनाने का लाइसेंस लिया गया था. इसके साथ ही आयुष विभाग ने पतंजलि आयुर्वेद को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब भी मांगा था. इसी नोटिस के जवाब में पतंजलि की ओर से अपने दावों से पलटी मारते हुए कहा गया है कि उन्होंने कोरोना की दवा बनाने का कभी दावा नहीं किया.

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