क्या वर्ल्ड हैरीटेज की विरासत बन पाएगा माउंटआबू का यह अनोखा मंदिर?

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

सिरोही: जिले में स्थित माउंट आबू के दिलवाड़ा जैन मंदिर को वर्ल्ड हेरीटेज में शामिल कराने को लेकर जानीमानी उद्योगपति कल्पना सरोज की मुहिम रंग लाती दिख रही है. देश की जानीमानी उद्योगपति कल्पना सरोज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस सिलसिले में मुलाकात की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी इस मुहिम की सराहना की है और इससे संबंधित विभाग को इस संदर्भ में निर्देश जारी किए हैं. कल्पना की प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से माउंटआबू के लोगों में खुशी की लहर है. अब यहां के लोगों में इस बात की उम्मीद जगी है कि दिलवाड़ा जैन मंदिर विश्व की एतिहासिक धरोहरों में शामिल हो सकता है.

माउंटआबू का दिलवाड़ा जैन मंदिर, राजस्थान के हिल स्टेशन की अद्भुत कलाकृति. इसे वर्ल्ड हेरीटेज में शामिल कराने को लेकर देश की जानीमानी उद्योगपति कल्पना सरोज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं और उन्होंने दिलवाड़ा जैन मंदिर के नाम को वर्ल्ड हेरीटेज लिस्ट में भेजे जाने की अपील की है. दरअसल, कल्पना लंबे समय से माउंटआबू के लोगों के साथ सुर में सुर मिलाकर इसे दुनिया की अनोखी विरासत की सूची में शामिल कराने की मुहिम चला रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कल्पना सरोज ने चिट्ठी सौंपी और इस पत्र में उन्होने उन कारणों को गिनाए है और कहा है कि इस वजह से यह मंदिर कलाकृति और सौंदर्य के पैरामीटर पर अद्भुत है और यह वर्ल्ड हेरीटीज यानी दुनिया की धरोहरों की सूची में शामिल होने के लिए पूरी तरह डिजर्व करता है. उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा था. जिसके बाद पीएमओ की तरफ से उन्हें बुलाया गया.

वह मोदी से मिलीं और उन्होंने अपने पत्र के साथ अपनी मांग रखी इस दिशा में कुछ कदम उठाने को कहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया और इससे संबंधित विभाग को निर्देश दिया और कहा कि दिलवाड़ा जैन मंदिर को वर्ल्ड हेरीटीज की लिस्ट में शामिल कराने के लिए भेजा जाना चाहिए. गौर हो कि लंदन में जहां बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर रहे थे उस भवन की नीलामी हो रही थी. तब कल्पना सरोज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री से मिलकर उसे भारत सरकार को खरीदने की राय दी थी. तब भारत सरकार ने 40 लाख डालर में उस भवन को खरीदा जहां लंदन में बाबा साहेब अंबेडकर रहे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का जिक्र करते हुए कल्पना सरोज की सराहना भी की थी.

कल्पना सरोज की इस पहल से माउंटआबू के लोगों में खुशी की लहर है. अब यहां के लोगों को भी लगने लगा है कि 1100 साल पहले बना राजस्थान का मिनी ताजमहल अब वर्ल्ड हेरीटेज की लिस्ट में शुमार किया जाना चाहिए. 1100 साल पुराना यह मंदिर यूं तो देश और दुनिया में अपनी अप्रतिम खूबसूरती के लिए जाना जाता है लेकिन इसे अबतक वो पहचान नहीं मिल पाई है जो मिलनी चाहिए. दरअसल यह मंदिर कलाकृति और सौंदर्य के पैरामीटर पर अद्भुत है और यह वंडर आफ द वर्ल्ड, सेवेन वंडर्स आफ द वर्ल्ड या फिर वर्ल्ड हेरीटेज की लिस्ट में शामिल होने के लिए पूरी तरह डिजर्व करता है.

कल्पना सरोज जब माउंटआबू आई थी तब उन्होंने दिलवाड़ा जैन मंदिर को लेकर कहा था कि मेरा ऐसा विश्वास है कि दिलवाड़ा जैन मंदिर को विश्व पटल पर लाकर माउंटआबू के पर्यटन की दशा और दिशा बदली जा सकती है और इसे नया आयाम दिया जा सकता है. यह मंदिर 1100 साल पुराना है और इसका निर्माण गुजरात के वडनगर के बेहद कुशल इंजीनियरों और कारीगरों ने किया था.

दिलवाड़ा जैन मंदिर को सेवन वर्ल्ड हेरीटेज में शुमार करने के लिए लंबे समय से मांग हो रही है. लोग कहते हैं कि दिलवाड़ा जैन मंदिर का सौंदर्य अद्भुत है जो दुनिया की धरोहरों में शुमार होने लिए डिजर्व करता है. माउंट आबू की आगोश में ये मंदिर आज हर किसी की आंखों का तारा बन गया है. माउंट आबू की सरजमी पर खड़ा ये मंदिर दिलवाड़ा के जैन मंदिर के नाम से जाना जाता है. यहां कुल पांच मंदिरों का समूह जरुर है लेकिन यहां के तीन मंदिर खास हैं. दिलवाड़ा का ये मंदिर 48 खंभों पर टिका हुआ है.