69000 शिक्षकों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती, ऐसे होगी अब पदों पर भर्ती

69000 शिक्षकों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती, ऐसे होगी अब पदों पर भर्ती

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

69000 शिक्षकों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती, ऐसे होगी अब पदों पर भर्ती

69000 शिक्षक भर्ती : शिक्षक भर्ती को लेकर हजारों अभ्‍यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आज सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में महत्‍वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसके बाद अब 69 हज़ार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का रास्‍ता खुल गया है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में शिक्षा मित्रों की भर्ती पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार को भी राहत मिली है। शिक्षामित्रों की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। अब प्रदेश में 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती में कोई रोड़ा नहीं है।

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जल्‍द शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षकों को नियुक्ति देने के लिए लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के प्रभारी सचिव विजय शंकर मिश्र ने बताया कि उनकी तैयारियां पहले से चल रही हैं, केवल रिजल्ट मिलने का इंतजार है। बुधवार को परिणाम सूची मिलते ही शासन को प्रस्ताव भेज देंगे। एनआइसी से बैठक के बाद आवेदन ऑनलाइन लेने की तारीखें तय हो जाएंगी, तब विज्ञप्ति जारी करेंगे।

आवेदन करते समय रखें इन बातों का ध्‍यान

परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन सोमवार से शुरू होंगे। भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र पर अपना नाम, पिता का नाम और अन्य शैक्षिक ब्योरा नहीं देना होगा। आवेदन में लिखित परीक्षा का अनुक्रमांक, जन्म तारीख व मोबाइल नंबर देना होगा।

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वेबसाइट पर यह दर्ज करते ही अभ्यर्थी के मोबाइल पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड मिलेगा, जिसे भरने पर उसे आवेदनपत्र दिखेगा और अन्य सूचनाएं दर्ज कर दे। ज्ञात हो कि भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 12 मई को जारी हुआ था, इसमें 1,46,060 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। 13 मई को शासन ने सफल अभ्यर्थियों को जिला आवंटन करने के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने का कार्यक्रम जारी किया।

विज्ञप्ति में यह कहा गया था, कड़ा है इस बार मुकाबला

बेसिक शिक्षा परिषद ने शनिवार को जारी विज्ञप्ति में इसका उल्लेख यह करते हुए किया कि सभी काउंसिलिंग कराने वालों को नियुक्ति मिलना जरूरी नहीं है। इसको ध्यान में रखकर इस बार दो अन्य अहम बदलाव किए हैं।

हर अभ्यर्थी को सभी 75 जिलों का विकल्प देना और सरकारी पदों व कार्यरत शिक्षकों को काउंसिलिंग के लिए एनओसी यानी अनुमति लेना भी अनिवार्य है। इससे अच्छे गुणांक वालों को जिला आवंटन करने में सहूलियत मिलेगी, साथ ही पहले से कार्यरत को दोबारा चयन से रोका जा सकेगा।

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12 मई को आया था परिणाम, यह हैं योग्‍यताएं, नियम व शर्तें

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 12 मई को जारी हुआ था, उसमें 1,46,060 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं। सभी से शिक्षक पद पर चयनित होने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है। उनका गुणांक, भारांक, वर्ग व श्रेणीवार चयन किया जाएगा। इसके साथ ही उनकी वरीयता के अनुसार जिला का आवंटन होगा।

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आवेदन 26 मई की रात 12 बजे तक स्वीकार होंगे। जबकि तीन से छह जून तक जिलों में काउंसिलिंग कराकर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने लॉकडाउन में बंदी के कयासों को दरकिनार करके तेजी से आवेदन करना शुरू किया है।

गुणांक के आधार पर ही होगा अब चयन, जो आगे होगा वही बनेगा शिक्षक

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक का चयन एकेडमिक मेरिट से होता रहा है, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने चयन का माध्यम लिखित परीक्षा बनाया। यह दूसरी भर्ती है जिसमें 69000 शिक्षकों का चयन होने जा रहा है। यह 68500 शिक्षक भर्ती से बिल्कुल अलग है, क्योंकि पहली लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की तादाद भर्ती के कुल पदों से काफी कम 41556 ही थी,

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इसलिए शिक्षक चयन के लिए गुणांक का कोई मायने नहीं था, जबकि दूसरी 69000 भर्ती में सफल होने वालों की संख्या दोगुने से अधिक है, इसलिए चयन का पूरा दारोमदार गुणांक पर ही निर्भर है। परिषद की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों का गुणांक उनकी अब तक की मेरिट के अनुसार तय होगा। इसमें सबसे आगे रहने वाले अभ्यर्थी ही शिक्षक बन सकेंगे।

मोबाइल से आ रही समस्‍या, सॉफ्टवेयर बदले बिना नहीं हो सकेंगे आवेदन

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के लिए 24 घंटे में जिस तरह से ऑनलाइन आवेदन हुए हैं, उससे सभी के जिला विकल्प तय समय में नहीं लिए जा सकेंगे।

तकनीक के जानकार कहते हैं कि ऑनलाइन आवेदन का सॉफ्टवेयर इस तरह का है कि साइबर कैफे से आसानी से आवेदन हो सकते हैं, इसे मोबाइल या फिर लैपटॉप से करने में दिक्कत आ रही है। इसीलिए आवेदनों की गति धीमी है। ऐसे में बेहतर है कि साफ्टवेयर में बदलाव किया जाए, ताकि वह मोबाइल से भी आसानी से संचालित हो सकें।

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शिक्षकों और शिक्षा मित्रों के लिए यह था कट ऑफ

शिक्षामित्रों की ओर से दलील देते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा कि परीक्षा के बाद नया कटऑफ भी तय किया। इस पर जस्टिस ललित ने पूछा- कटऑफ विज्ञापन का हिस्सा था। इस पर रोहतगी ने कहा कि नहीं, सात जनवरी 2019 को परीक्षा होने के बाद न्यूनतम कटऑफ तय किया। 60-65 प्रतिशत शिक्षकों के लिए जबकि शिक्षा मित्र के लिए ये 40-45 फीसदी था।

वकील ने दी यह दलील

शिक्षामित्रों की ओर दलील रखते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा कि सिंगल जज बेंच ने हमारे दावे के समर्थन में निर्णय दिया था, लेकिन डिविजन ने हमारा पक्ष पूरी तरह नहीं सुना।

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मसला हमारे कॉन्ट्रैक्ट के रिन्युअल को लेकर भी है और नियुक्ति की प्रक्रिया में लगातार किए गए बदलाव पर भी। इस पर जस्टिल ललित ने पूछा कि कितने शिक्षामित्र नियुक्त हुए थे। जवाब में मुकुल रोहतगी ने कहा कि 30 हजार, फिर सरकार ने शिक्षामित्रों की बजाय 69000 प्राथमिक शिक्षकों की नई भर्ती निकाली।

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अनुबंध के रिन्‍युअल का है मामला

शिक्षामित्रों की ओर दलील रखते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा कि सिंगल जज बेंच ने हमारे दावे के समर्थन में निर्णय दिया था, लेकिन डिविजन ने हमारा पक्ष पूरी तरह नहीं सुना। वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि मसला हमारे कॉन्ट्रैक्ट के रिन्युअल को लेकर भी है और नियुक्ति की प्रक्रिया में लगातार किए गए बदलाव पर भी।

इस पर जस्टिल ललित ने पूछा कि कितने शिक्षामित्र नियुक्त हुए थे। जवाब में मुकुल रोहतगी ने कहा कि 30 हजार, फिर सरकार ने शिक्षामित्रों की बजाय 69000 प्राथमिक शिक्षकों की नई भर्ती निकाली।

पुरानी पद्धति से ही होगी यह भर्ती

उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा आयोग के अस्तित्व में न आने से परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती पुरानी पद्धति से ही होगी।

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यह है पुरानी पद्धति

पहले से लागू पद्धति के तहत परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी परीक्षा आयोजित कराते हैं और उसका रिजल्ट घोषित करते हैं। उसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा परिषद शुरू करता है। मेरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थियों से फॉर्म भराया जाता है और आवेदन में दिए गए विकल्पों के आधार पर उन्हें जिले आवंटित होते हैं। अभ्यर्थी संबंधित जिले में काउंसलिंग कराते हैं । इसके बाद उनके अभिलेखों का सत्यापन होता है और फिर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र सौंप दिया जाता है।

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