MSME लोने के लिए क्रेडिट लिमिट, सरकारी छूट, जानिए सब कुछ

MSME लोने के लिए क्रेडिट लिमिट, सरकारी छूट, जानिए सब कुछ

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MSME लोने के लिए क्रेडिट लिमिट, सरकारी छूट, जानिए सब कुछ

Coronavirus महामारी से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों (MSME) की मदद के लिए सरकार ने बुधवार को आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के माध्यम से 9.25 प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी प्रदान की। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पिछले सप्ताह घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के व्यापक पैकेज के हिस्से के रूप में ECLGS को लॉन्च किया गया है।

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रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने यह कदम MSMEs में काम करने वाले करोड़ों लोगों की नौकरी बचाने की दृष्टि से उठाया है। सरकार के इस फैसले से 45 लाख MSMEs को लाभ पहुंचेगा। सरकार का कहना है कि बैंकों और NBFC से MSMEs के लिए यह आपातकालीन क्रेडिट लाइन फरवरी 2020 तक पूरे बकाया क्रेडिट का 20 प्रतिशत तक होगी। एसबीआई रिसर्च के अनुसार 1 मार्च 2020 तक MSME सेक्टर पर लगभग 14 लाख करोड़ रुपए बकाया था, जो कि 2.8 लाख करोड़ के क्रेडिट को बढ़ावा देता है।

इस स्कीम के महत्वपूर्ण तथ्य:

1. ब्याज दर:

इस योजना के तहत MSMEs को बैंकों से 9.25 प्रतिशत तक की ब्याज दरों पर आपातकालीन ऋण की गारंटी मिलेगी। इसी तरह, MSME को गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) द्वारा विस्तारित ऋणों के लिए बिना गारंटी वाले ऋणों पर 12 प्रतिशत ब्याज दर को कैप्ड किया गया है। वर्तमान में भारत में बैंक 11 से 16,25 प्रतिशत के बीच ब्याज लेते हैं जबकि एनबीएफसी के लिए ब्याज दर 10 से 30 प्रतिशत होती है।

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2. 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी:

नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा योजना के तहत उधारकर्ता के लिए 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज प्रदान किया जाएगा।

3. इस योजना को वित्तपोषित करना:

केंद्र सरकार इस योजना के तहत गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (GECL) स्थापित करने के लिए चालू वित्त वर्ष से शुरू होने वाले चार वर्षों में 41600 करोड़ का कोष प्रदान करेगी।

4. स्कीम की शुरुआत और समाप्ति तिथि:

योजना की घोषणा से 31 अक्टूबर तक GECL सुविधा के तहत स्वीकृत सभी ऋणों पर लागू होगी या GECL के तहत 3 लाख करोड़ की राशि स्वीकृत होने तक, जो भी पहले हो।

5. पात्रता:

100 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाले और इस वर्ष 29 फरवरी तक 25 करोड़ रुपए के बकाया क्रेडिट वाले सभी MSME इस योजना के तहत पात्र होंगे।

6. क्रेडिट सीमा:

कार्यशील पूंजी या अतिरिक्त अवधि के लोन के लिए MSMEs उपरोक्त उल्लेखित सीमा के अधीन अपने बकाया ऋण का 20 प्रतिशत तक लाभ उठा सकते हैं। लोन की मूल राशि पर एक साल तक कोई ईएमआई नहीं देनी होगी लेकिन अगले चार साल में इसे चुकाना होगा।

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MSME की नई परिभाषा:

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की पहली किस्त की घोषणा करते हुए MSMEs की परिभाषा में बदलाव की भी घोषणा की। संशोधित परिभाषा के अनुसार 1 करोड़ रुपए तक के निवेश और 5 करोड़ रुपए से कम के कारोबार करने वाली किसी भी फर्म को ‘सूक्ष्म’ (Micro) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। 10 करोड़ तक के निवेश और 50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाली कंपनी को ‘छोटा’ (Small) और 20 करोड़ तक के निवेश और 100 करोड़ रुपए से कम के कारोबार को ‘मध्यम’ (Medium) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा

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