पुणे-रीवा TRAIN से जबलपुर पहुंचे 1144 यात्री, फिर हुआ कुछ ऐसा

LOCKDOWN : सिर्फ Special Trains को मिल सकती है हरी झंडी, पढ़िए

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

LOCKDOWN : सिर्फ Special Trains को मिल सकती है हरी झंडी, पढ़िए

LOCKDOWN से रेलवे का पहिया थम-सा गया है। इससे मुसाफिरों को काफी परेशानी हो रही है। ट्रेनें कब से चलेंगी ये बात हर यात्री के ज़ेहन में हैं। ऐसे में रेलवे जल्द ही उन्हें अच्छी खबर सुना सकता है। दरअसल रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने सभी जोनल महाप्रबंधकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एक मीटिंग की। जिसमें ट्रेनों के संचालन को लेकर कई सुझाव दिए गए। इसमें एक बात यह भी सामने आई कि LOCKDOWN खुलने पर पहले स्पेशल ट्रेनों (Special Trains) को चलाया जा सकता है।

CORONAVIRUS पर MP के ज्योतिषी ने की बड़ी भविष्यवाणी, इस दिन से मिलेगी राहत

सूत्रों के अनुसार रेलवे LOCKDOWN खुलने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का ख्याल रखने वाली है। इसलिए विचार किया जा रहा है कि सभी ट्रेनों को पहले एक साथ न चलाया जाए। इससे भीड़ कम रहेगी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहेगा। ट्रायल के तौर पर पहले स्पेशल ट्रेनें चलाकर देखा जाएगा कि संचालन में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। सब कुछ ठीक रहा तो बाकी ट्रेनों को भी चलाया जाएगा।

सोशल नेटवर्किंग से विंध्य के लोगो की मदद कर रहे पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, रीवा से लेकर मुंबई तक लोगो की मदद कर रहे…

मीटिंग के दौरान इस बात पर भी विचार किया गया कि पहले से निर्धारित ट्रेनें जिनका अलग-अलग टाइम है, उसे अभी बंद रखा जाए। केवल स्पेशल स्लीपर और थर्ड एसी ट्रेनें चलाई जाए। इन ट्रेनों में सफर करने के लिए आरक्षण जरूरी होगा। बुकिंग कराने के दौरान यात्रियों को मिडिल बर्थ का विकल्प नहीं मिलेगा। इसके अलावा संक्रमण कम होने तक ट्रेनों में चादर-कंबल तकिया और खाने की आपूर्ति नहीं होगी।

सूत्रों के अनुसार रेलवे के संचालन (Indian Railways) के लिए इन्हें तीन परिक्षेत्रों में बांटा जा सकता है। जिसमें रेड, येलो और ग्रीन जोन होंगे। रेड जोन में कोरोना मरीजों की ज्यादा संख्या को देखते हुए यहां कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी। येलो जोन में सीमित संख्या में ट्रेने चलेंगी। जबकि ग्रीन जोन में पूरी तरह ट्रेन यातायात खोल दिए जाएंगे। इन तमाम व्यवस्था को लागू करने के लिए रेलवे विभाग मंत्रालय से लगातार संपर्क कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई सटीक फॉर्मूला बनकर तैयार नहीं हुआ है।

Facebook Comments