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कोरोना से मुक्त जिलों से हट सकती है LOCKDOWN की पाबंदी, पढ़िए

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कोरोना से मुक्त जिलों से हट सकती है LOCKDOWN की पाबंदी, पढ़िए

कोरोना वायरस के प्रभाव से जो मुक्त जिलों हैं उन्हें राहत देते हुए पहले पूर्णबंदी हटाई जा सकती है। ऐसा बहुत से राज्यों के अधिकारियों का मानना है। उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि कैसे चरणबद्ध तरीके से 15 अप्रैल के बाद सामान्य गतिविधि शुरू हो सकती है, जब देश में लागू LOCKDOWN खत्म होने वाला है।

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भारत में अब तक कोविड-19 के 3500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और संक्रमण 4.1 दिनों की दर से दोगुना हो रहा है। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने रविवार को राज्यों से रणनीति पर बातचीत की जिसमें हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान करके उन्हें घेरने की बात कही गई।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नई दिल्ली में कहा, ‘हमने आज सभी जिलों के प्रमुखों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने एक रणनीति बनाई है। जिसमें भीलवाड़ा, आगरा और गौतमबुद्धनगर जैसे जिलों पर ध्यान केंद्रित किया गया जहां सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इन जिलों के अधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए।’

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बीमारी के पुनरुत्थान के जोखिम के बिना 25 मार्च से लागू तीन सप्ताह का LOCKDOWN महत्वपूर्ण हो सकता है। रविवार तक देश के 718 जिलों में 274 मामले दर्ज किए गए थे। नौ जिलों के 230 जिलों को हॉटस्पॉट के तौर पर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश भर के मुख्यमंत्रियों के साथ एक कांफ्रेंस में कहा था कि राज्यों को इस बारे में विचार करना चाहिए कि कैसे चरणबद्ध तरीके से LOCKDOWN में ढील दी जा सकती है।

तीन राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा का कहना है कि वह पहले उन जिलों में ढील देने के पक्ष में हैं जहां से कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। राजस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कोविड-19 से प्रभावित जिलों के व्यक्तियों का कोरोना मुक्त जिलों में आने पर प्रतिबंध होगा।’ अधिकारी ने कहा कि यह ढील का पहला चरण हो सकता है।

दूसरे चरण में उन जिलों में ढील दी जाएगी जहां कम मरीज हैं। तीसरे चरण में उच्च कंटेनमेंट वाले जिलों में ढील दी जाएगी। राजस्थान के लगभग 22 जिलों में कोरोना का कोई मामला नहीं है। महाराष्ट्र और हरियाणा के अधिकारी भी इसी तरह की रणनीति के पक्ष में हैं।

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