सपा नेता का विवादित बयान- गैर मर्द के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिले पत्नी तो मार दो या तीन तलाक दो

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जहां एक तरफ तीन तलाक को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। वही, समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष रियाज अहमद ने कहा कि शरीयत के अनुसार तलाक को तीन चरणों में दिया जाना चाहिए। जबकि तीन तलाक को एक विकल्‍प के तौर पर रखा जाता है।

तीन तलाक कितना जायज है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘मान लीजिए आप अपनी पत्‍नी को किसी दूसरे मर्द के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखते हैं तो आप क्‍या करेंगे? इस पर आप या तो अपनी पत्‍नी को मार देंगे या तो उसे तीन तलाक देकर उससे पीछा छुड़ा लेंगे’।

पूर्व कैबिनेट मंत्री ने तलाक के मसले पर आंकड़े गिनाते हुए यह भी कहा कि अदालतों में सबसे ज्यादा मामले तलाक के हिंदुओं के हैं। जबकि सबसे कम मुसलमानों के हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अदालतों में मुस्लिम महिलाओं के तलाक के मामले 3.7 प्रतिशत हैं, हिन्दू महिलाओं के तलाक के मामले 17.6 प्रतिशत हैं और ईसाइयों के 6 प्रतिशत हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए अहमद ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह अगर वास्तव में मुस्लिम महिलाओं की इतनी बड़ी शुभचिंतक है तो उसे महिला आरक्षण बिल में मुस्लिम महिलाओं के लिए 8 प्रतिशत अलग से आरक्षण देना चाहिए। सिर्फ राजनैतिक रोटियां सेंकने और ध्रुवीकरण करने के अलावा भाजपा का उसी तरह का दिखावा है हाथी के दांत खाने के और हैं दिखाने के और हैं।