भारत में अभी दूसरे स्टेज पर CORONAVIRUS, थमा नहीं तो तीसरा और चौथा स्टेज ‘मचा देगा तबाही’

Health राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

कोरोना वायरस (COVID-19) को भारत समेत अधिकांश देशों ने महामारी घोषित किया है. अभी तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के 2,20,306 संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 8,981 मौतें हो चुकी है. चीन के बाद सबसे अधिक मौतें इटली और ईरान में हो चुकी है. चीन, इटली समेत 9 देश तीसरी और चौथी स्टेज से गुजर रहें है. कोरोना वायरस की 4 स्टेज हैं, जो स्टेज-दर-स्टेज भयावह होती जाती है. भारत में अभी यह दूसरी स्टेज में है. भारत में अभी तक 174 संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें से 3 की मृत्यु हो चुकी है. अगर यह यहीं नहीं रोका गया तो तीसरी और चौथी स्टेज तबाही मचा देगी।

भारत में कोरोना की दूसरी स्टेज आ गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बताया कि स्टेज-2 का अर्थ है कि अभी वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन यानी लोगों के बीच आपस में नहीं फैला है। सरकार कोशिश कर रही है कि वायरस स्टेज-3 में न पहुंचे, क्याेंकि इससे बड़ा खतरा हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। RewaRiyasat.Com सभी पाठकाें से अपील करता है कि हमें विशेष ध्यान रखना हाेगा, ताकि संक्रमण फैलने से राेका जा सके।

ये हैं इस वायरस की 4 स्टेज

स्टेज 4

जब देश के अंदर ही बड़े भौगोलिक स्तर पर बीमारी अपने पैर जमा ले तो मान लीजिए यह चौथी स्टेज है। चीन में कोरोना वायरस ने महामारी की शक्ल ले ली थी। इसके अलावा इटली, ईरान और स्पेन में भी कोरोना चौथी स्टेज पर है।

स्टेज 3

जब वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन में पहुंच जाता है, तो बहुत बड़ा क्षेत्र इससे प्रभावित होता है। इस स्टेज में यह बीमारी देश के अंदर मौजूद संक्रमित लोगों से यहीं के दूसरे लोगों में फैलने लगेगी। जिससे बेहद खतरनाक स्थिति बन जाती है। इस स्टेज में टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए लोग यह नहीं जानते हैं कि उनमें वायरस कहां से आया है। जानकारी के लिए बता दें कि इटली और स्पेन अभी इसी चरण में हैं।

स्टेज 2

इसमें संक्रमित लोगों से बीमारी का फैलाव स्थानीय लोगों में होता है। जब काेई व्यक्ति वायरस प्रभावित किसी देश से लाैटकर अपने रिश्तेदारों या परिचितों के संपर्क में आता है, ताे वे भी संक्रमित हो जाते हैं और इस स्थिति में स्थानीय ट्रांसमिशन में बहुत कम लोग प्रभावित होते हैं। जिससे कि वायरस का सोर्स पता होता है और उनको आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।

स्टेज 1

रिसर्च के अनुसार इस स्थिति में संक्रमण के मामले वायरस से प्रभावित देशों से आते हैं। इसमें वही लोग संक्रमित पाए जाते हैं, जिन्होंने विदेश की यात्रा की है।

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