मोदी सरकार का बेरोजगार युवाओं को बड़ा तोहफा, इस क्षेत्र में होने वाली है बंपर भर्ती!

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नई दिल्‍ली : वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल अब राजस्‍व संग्रह के साथ नई नौकरियों के सृजन पर ध्‍यान देगा. इसके लिए बाकायदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रोजगार विशेषज्ञों का मानना है कि मैन्‍युफैक्‍चरिंग, लॉजिस्टिक्‍स, ट्रांसपोर्टेशन और कराधान (टैक्‍सेशन) क्षेत्र में नई नौकरियों के अवसर बनेंगे. हालांकि जुलाई, 2017 में जब वस्‍तु व सेवा कर (जीएसटी) अस्तित्‍व में आया तो उम्‍मीद की जा रही है कि 2019 तक ढाई से तीन लाख नौकरियां सृजित होंगी. हालांकि 2018 में इस नई व्‍यवस्‍था से नौकरियों की संख्‍या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई लेकिन अब सरकार की मंशा के अनुरूप उम्‍मीद है कि जीएसटी से रोजगार की संख्‍या बढ़ेगी. अनुमान के मुताबिक सितंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच 42 लाख नई नौकरियां आईं.

जीएसटी से टेम्‍परेरी जॉब के रास्‍ते खुले
मनी कंट्रोल की खबर के मुताबिक जीएसटी के आने से टैक्‍स कंसल्‍टेंट के अवसरों में खासी बढ़ोतरी हुई है. पार्ट टाइम टैक्‍स कंसल्‍टेंट के अवसर बढ़े हैं. एकाउंटिंग फर्म ओवरटाइम कर काम निपटा रही हैं और क्‍लाइंट संख्‍या बढ़ने से हायरिंग भी अधिक कर रही हैं. एक कंसल्‍टेंट ने कहा कि फिलवक्‍त कंस्‍टमर की क्‍वेरी सुलझाने के लिए 24 घंटा हेल्‍पलाइन सेवा शुरू की गई है. ऐसे ही कुछ और ढांचागत निवेश से नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे.

4 साल में 30 लाख नई नौकरियां आएंगी
मई 2018 में आए एक सर्वे में कहा गया था कि लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में 4 साल में 30 लाख नई नौकरियों के अवसर बनेंगे. टीमलीज की रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे में निवेश से इस क्षेत्र में नौकरियां बढ़ेंगी. टीमलीज की रिपोर्ट ‘भारतीय लॉजिस्टिक्स क्रांति-बड़ा दांव, बड़ी नौकरियों में कहा गया कि 7 उप क्षेत्रों सड़क ढुलाई, रेल ढुलाई, भंडारण, जलमार्ग, विमान ढुलाई, पैकेजिंग और कुरियर सर्विस में 30 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी. इससे 2022 तक इस क्षेत्र में रोजगार का आंकड़ा बढ़कर 1.39 करोड़ पर पहुंच जाएगा, जो अभी 1.09 करोड़ है.

दिल्‍ली-एनसीआर और मुंबई में सबसे ज्‍यादा नौकरियां
रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र की वृद्धि में प्रमुख भूमिका 6 लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक निवेश, 2017 में क्षेत्र को दिया गया बुनियादी ढांचा क्षेत्र का दर्जा और जीएसटी क्रियान्वयन की होगी. रिपोर्ट कहती है कि सड़क ढुलाई क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार के अवसर मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और अहमदाबाद में उपलब्ध होंगे. वहीं इलाहाबाद, अहमदाबाद, चेन्नई और गुवाहाटी में सबसे अधिक जलमार्ग क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे.