मुस्लिम बुद्धिजीवियों से चुपके-चुपके क्यों मिलना चाहते हैं राहुल गांधी?

मुस्लिम बुद्धिजीवियों से चुपके-चुपके क्यों मिलना चाहते हैं राहुल गांधी?

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

नई दिल्ली: 2019 लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देशभर के मुस्लिम बुद्धिजीवियों से चुनावी मंथन कर रहे हैं. करीब 30 मुस्लिम ओपिनियन मेकर्स से राहुल गांधी की होगी मुलाकात होनी है. सूत्रों की माने तो ये बैठक दो चरण में हो सकती है. बताया जा रहा है कि ये मुलाकात पहले मंगलवार और बुधवार को दो चरणों में होनी थी, लेकिन अब यह केवल बुधवार को हो सकती है. राहुल 2019 चुनाव को लेकर मुसलमान ओपिनियन मेकर्स के की राय जानना चाहते है. सूत्रों की माने तो इस बैठक में ट्रिपल तलाक, हलाला, कश्मीर और 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा होनी है. इस पूरे मसले पर बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी जनेऊ पहनते हैं तो उसे सबको दिखाते हैं, जबकि मुस्लिमों से चुपके-चुपके मिल रहे हैं.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष नदीम जावेद जुटे हैं इसकी तैयारी में हैं. इस मीटिंग को लेकर कोई भी कांग्रेस नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. वैसे कांग्रेस की प्रवक्ता का कहना है कि उनको इस मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन राहुल गांधी के दरवाजे सबके लिए खुले हुए हैं.

दरअसल, कांग्रेस को 2019 चुनाव में मुसलमान वोट बैंक की चिंता सता रही है, लेकिन इस मामले को सीक्रेट रखना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें हिंदू वोटबैंक के खिसकने का डर भी सता रहा है.

गुजरात और कर्नाटक चुनाव में बड़ी मुश्किल से कांग्रेस अपने हिन्दू विरोधी छवि से बाहर निकल पाई है. ऐसे में 2019 लोकसभा चुनाव से पहले इस बैठक का खामियाजा न भुगतना पड़ जाए, कांग्रेस इसी वजह से इस बैठक को सीक्रेट ही रखना चाहती है.