हमले के दौरान खबरी भी उसी घर में था, बगदादी को मारने से पहले अमेरिकी सेना ने उसे निकाला

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

वॉशिंगटन। दुनियाभर में इस्लामिक आतंक का चेहरा बन चुके बगदादी को अमेरिका ने महीनों की तैयारी और पक्की जांच पड़ताल के बाद मार गिराया है। मगर, यह काम सीरिया में मौजूद कुर्दिश खुफिया जानकारी के बिना संभव नहीं हो पाता। इसमें वह मुखबिर भी शामिल है, जो उस वक्त बगदादी के परिसर में ही मौजूद था, जब अमेरिकी सेना ने वहां छापेमारी की थी।

सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के कमांडर जनरल मजलूम आब्दी ने बताया कि कैसे उन्होंने खिलाफत के पतन होने के बाद बगदादी का पता लगाया था। जनरल ने कहा कि एक मुखबिर ने हमें बताया कि वह इदलिब के पश्चिम में एक विशिष्ट घर में रहने चला गया है। हमने 15 मई को अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को यह जानकारी दी और एक गुप्त सेल की स्थापना की, जिसमें तीन अमेरिकी थे।

एसडीएफ के मुखबिर ने उन्हें बताया कि बगदादी के साथ कितने लोग रह रहे थे, घर के अंदर सुरंगें बनी हुई हैं और महीनों से उस स्थान पर रहने के बाद अब वह इस घर से अपना ठिकाना बदलने वाला था। तब अमेरिकी सेना के विशेष बल डेल्टा फोर्स ने शनिवार को बगदादी के परिसर पर हमला किया और मुखबिर को सुरक्षित घर से बाहर निकाल लिया।

इस्लामिक स्टेट में मुखबिरों का पाया जाना बेहद दुर्लभ होता है। ऐसे में शीर्ष नेता का इतना करीब मुखबिर मिलना तो किसी ने सोचा भी नहीं होगा और यह कुर्दिश बलों की सबसे बड़ी उपलब्धि रही थी। मजलूम ने कहा कि कुर्दिश खुफिया जानकारियों के बिना बगदादी को मार गिराना संभव नहीं होता।

एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि इस अभियान में एसडीएफ उनका एक अहम साथी था, लेकिन यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन के दौरान एसडीएफ और कुर्द अमेरिकी सेना के साथ उड़ान नहीं भर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि 11 बच्चे जो बगदादी के परिसर में मौजूद थे उन्हें उस इलाके के विश्वस्त व्यक्ति के हवाले कर दिया गया था।

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