कांग्रेस प्रवक्ता परीक्षा का भी पेपर लीक, गूगल से जवाब सर्च कर पहुंचे थे नेता

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में गुरुवार को प्रदेश प्रवक्ताओं के लिए हुई लिखित परीक्षा में नकल करने का मामला सामने आय़ा है. परीक्षा में सवाल देखकर कांग्रेसियों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं क्योंकि प्रवक्ता के लिए ऐसी किसी परीक्षा की कोई पूर्व सूचना उन्हें नहीं थी. प्रश्नपत्र देखकर कई पूर्व प्रवक्ताओं और परीक्षा में शामिल होने वाले नेताओं के पसीने छूट गए.

कांग्रेस प्रवक्ताओं के लिए हुई लिखित परीक्षा हालांकि गुप्त रखी गई थी. लेकिन परीक्षा के पहले ही इसके प्रश्न पत्र लीक भी हो गए. बताया जा रहा है कि बंटने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

सूत्रों के मुताबिक जब शाम को अचानक उन्हें परीक्षा की जानकारी दी गई तब जल्दी-जल्दी में कांग्रेस के अभ्यर्थियों ने लीक पेपर के जरिये सवालों के आंसर गूगल से डाउनलोड करने शुरू किए. हालांकि परीक्षा के बारे में गोपनीयता बनाई रखी गई थी, लेकिन 2:30 बजे प्रवक्ता पद चाहने वाले सभी लोगों को बताया गया कि उनकी लिखित परीक्षा होगी. इससे उनमें सवालों को लेकर बेचैनी बढ़ गई.

सवालों को जानने की होड़

प्रवक्ता बनने की चाह रखने वाले सभी लोगों को बताया गया कि अगर वह प्रवक्ता बनना चाहते हैं तो उन्हें लिखित परीक्षा देनी होगी. सूत्रों के मुताबिक परीक्षा के नाम से ही कई कांग्रेसी नेताओं के हाथ पांव फूल गए. कई सवालों के आंसर उन्हें नहीं मालूम है. खासकर कांग्रेस को मिले वोटों का प्रतिशत कितना था, 2004 और 2009 में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीती थीं.

किस लोकसभा सीट पर मानक से कम या ज्यादा विधानसभा सीटें हैं ऐसे सवालों के लिए नकल होने की भी खबरें आईं हैं. कुल 70 लोगों ने परीक्षा दी है जिनमें से सिर्फ करीब दर्जन भर लोगों को चुना जाना है. ऐसे कई बड़े चेहरों के फेल होने की संभावना भी बढ़ गई है.

प्रवक्ता परीक्षा में ये सवाल पूछे

-2004 और 2009 में कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?

– 2014 लोकसभा और 2017 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को वोट शेयर का प्रतिशत क्या था?

– यूपी में कितनी लोकसभा और विधानसभा सीटें हैं?

-उत्तर प्रदेश में कितने ब्लॉक और क्षेत्र हैं?

-लोकसभा चुनाव में यूपी में कितने सीटें आरक्षित हैं?

– यूपी में कितनी असेंबली सीटें, एक लोकसभा सीट बनाती हैं?

– नियमों के मुताबिक कितने लोकसभा सीटों कम या ज्यादा विधानसभा सीटें हो सकती हैं?

– योगी आदित्यनाथ सरकार की विफलता के प्रमुख मुद्दे क्या हैं?

– मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां क्या थीं?

– आज तीन मुख्य खबरें क्या हैं जिन पर कांग्रेस के प्रवक्ता बयान जारी कर सकते हैं?

– आप एक प्रवक्ता बनना क्यों चाहते हैं?

गौरतलब है कि 20 जून को प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने यूपी के मीडिया विभाग समेत अन्य विभागों को भंग कर दिया था. नए प्रवक्ताओं की तैनाती के लिए ही परीक्षा आयोजित की गई थी. राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर रोहन गुप्ता दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर आए थे.