कांग्रेस प्रवक्ता बनने के लिए हुई लिखित परीक्षा, सवाल देखकर छूटे नेताओं के पसीने

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बदलाव के नाम पर बेहद अजीबोगरीब घटना देखने को मिली. गुरुवार (29 जून) को प्रदेश कांग्रेस ऑफिस पर कांग्रेस का प्रवक्ता बनने के लिए लिखित परीक्षा लिया गया. ये परीक्षा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया कन्वीनर प्रियंका चतुर्वेदी और नेशन मीडिया कॉर्डिनेटर रोहन गुप्ता की तरफ से लिया गया. इस दौरान करीब 70 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा दी. प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि टेस्ट के परिणामों के बाद उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग होगी.

कौन-कौन पूछे थे सवाल कौन-कौन पूछे थे सवाल
1. उत्तर प्रदेश में कितने मंडल, जिले एवं और ब्लॉक हैं?
2. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कितनी आरक्षित सीटें हैं?
3. 2004 एवं 2009 में कांग्रेस कितनी सीटों पर जीती थी?
4. लोकसभा 2014 एवं 2017 विधानसभा में कांग्रेस को कितने प्रतिशत मिले हैं?
5. उत्तर प्रदेश में कितनी लोकसभा सीटें और विधानसभा सीटें हैं?
6. उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट में कितनी विधानसभा सीटें आती हैं?
7. किन लोकसभा सीटों पर मानक से कम या ज्यादा सीटें हैं?
8. प्रवक्ता का कार्य क्या होता है?
9. आप प्रवक्ता क्यों बनना चाहते हैं?
10. मोदी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या-क्या हैं?
11. योगी सरकार की असफलता के प्रमुख बिंदु क्या हैं?
12. मनमोहन सिंह सरकार की उपलब्धियां क्या-क्या थीं?
13. आज समाचार पत्र में तीन प्रमुख खबरें क्या हैं? जिन पर कांग्रेस प्रवक्ता बयान जारी कर सकें.
14. प्रमुख हिंदी/अंग्रेजी एवं उर्दू अखबार तथा चैनलों के नाम.

कैंडिडेट्स के छूटे पसीने
इसमें यूपी में आरक्षित सीटें, मोदी सरकार और योगी सरकार की असफलता, मनमोहन सरकार की उपलब्धियां बताने से लेकर तमाम सवाल पूछे गए. सवाल देखकर कैंडिडेट्स के पसीने छूट गए. जानकारी के मुताबिक, टेस्ट के परिणामों के बाद उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग होगी. जहां इंटरव्यू का सामना करने के बाद उनके चयन पर फैसला होगा. दो से तीन दिन के अंदर इस कमेटी की घोषणा कर दी जाएगी.

जल्द जारी होगी प्रदेश प्रवक्ताओं की नई लिस्ट
परीक्षा और इंटरव्यू के बाद नए प्रदेश प्रवक्ताओं की नई लिस्ट जारी की जाएगी, जो प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और कांग्रेस आलाकमान से राय मशविरा करने के बाद होगी. बता दें कि कुछ समय पहले राज बब्बर ने प्रदेश की सभी इकाईओं को भंग कर दिया था, जिसके बाद से अब नए पदाधिकारियों का सेलेक्शन परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए करने की कवायद शुरू हो गई है.