सिंगरौली: कुर्सी को लेकर मचा घमासान, दो CHMO एक दफ़्तर, पढ़िए पूरी खबर

सिंगरौली: कुर्सी को लेकर मचा घमासान, दो CHMO एक दफ़्तर, पढ़िए पूरी खबर

सिंगरौली

सिंगरौली: कुर्सी को लेकर मचा घमासान, दो CHMO एक दफ़्तर, पढ़िए पूरी खबर

सिंगरौली (विपिन तिवारी ) । एक दफ्तर,दो CHMO और कुर्सी के लिए मचा है घमासान। यह हकीकत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का बना हुआ है। ऐसी स्थिति निर्मित होने पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व कर्मचारी इस बात को लेकर असमंजस में फसे हैं कि असल में कौन सीएमएचओ है? गौरतलब हो कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में इन दिनों कुर्सी को लेकर जंग छिड़ी हुई है।

कुर्सी को पाने सारे हथकंडे अपनाने की गुणा-गणित चल रही है। अभी तक जहां सीएमएचओ के पद पर एक व्यक्ति बैठता था, लेकिन अब जो स्थिति निर्मित हुई है ऐसे में दो लोग बैठ रहे हैं। जिसने भी देखा कि कुर्सी खाली है तो जाकर कब्जा कर लेता है और दूसरा सीएमएचओ इधर-उधर घूमने लगता है। ऐसी कुर्सी की जंग में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक के साथ-साथ अन्य कर्मचारी इस बात को लेकर असमंजस में पड़े हुए हैं कि आखिर अब हम सब किसको सीएमएचओ मानें।

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क्योंकि गत 28 जुलाई को उप सचिव म.प्र.शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल के यहां से पत्र आया कि डॉ.आरपी पटेल सीएमएचओ सिंगरौली को पदोन्नति करते हुए उप संचालक रीवा बनाया गया है और जिला चिकित्सालय में पदस्थ पैथालॉजिस्ट डॉ.एनके जैन को सीएमएचओ का प्रभार दिया गया है। एक तरफ डॉ.आरपी पटेल के स्थानांतरण का आदेश आया और डॉ.एनके जैन को सीएमएचओ बनने का आदेश आ गया।

मजे की बात तो यह है कि डॉ.एनके जैन पत्र मिलते ही सीएमएचओ का पद ग्रहण कर लिया और डॉ.आरपी पटेल अभी तक भारमुक्त नहीं हुए हैं। ऐसे में एक कुर्सी और दो सीएमएचओ की स्थिति स्वास्थ्य महकमा में निर्मित हो गयी है। इस कुर्सी की लड़ाई अब खुलकर स्वास्थ्य विभाग में आ गयी है। लेकिन इस लड़ाई में जहां स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है। वहीं चिकित्सक, स्टाफ नर्स, व सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारी परेशान हैं कि आखिर हम किसको वर्तमान सीएमएचओ मानें और किसको फाइल दें। जबकि दोनों अपने आपको सीएमएचओ मानकर कुर्सी पर बैठ रहे हैं।

इस कुर्सी के लड़ाई का नतीजा यह सामने निकलकर आ रहा है कि इस लड़ाई की वजह से इस कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। फिर भी अपनी कुर्सी बचाने और कुर्सी को पाने जो भी गुणा-गणित लगाना पड़े उसके लिए दोनों सीएमएचओ लगे हुए हैं। ऐसे में अब जिले के मुखिया पर नजर टिकी हुई है कि आखिर कलेक्टर इस मामले पर क्या एक्शन लेते हैं।

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कुर्सी खाली का रहता है इंतजार

इस समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में दो सीएमएचओ की पोस्टिंग होने के चलते स्थिति गंभीर होती जा रही है। सीएमएचओ डॉ.आरपी पटेल प्रभार नहीं दे रहे हैं जबकि डॉ.एनके जैन सोमवार को प्रभार ले लिये हैं। ऐसी स्थिति में दोनों अधिकारी कुर्सी के मोहमाया में फसें हुए हैं। सूत्रों की बात मानें तो सीएमएचओ दफ्तर में जो ही आगे आता है वही सीएमएचओ की कुर्सी पर बैठ जाता है। ऐसे में एक सीएमएचओ इधर-उधर भटकते रहते हैं। कभी आरपी पटेल तो कभी एनके जैन कुर्सी के इंतजार में रहते हैं। अब तो स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है।

खीचतान में पिस रहे कर्मचारी

इस कुर्सी के जंग में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी काफी असमंजस की स्थिति में फसे हुए हैं। क्योंकि सीएमएचओ की कुर्सी पर दो अधिकारी बैठे हुए हैं और दोनों अधिकारी, कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं। आखिर कर्मचारी या चिकित्सक किस सीएमएचओ की बात को मानें इस स्थिति में कर्मचारी भी पिस रहे हैं। दोनों के समर्थक अंदर ही अंदर बल भी दे रहे हैं। दोनों जिम्मेदार अधिकारी अपने आपको सीएमएचओ मान रहे हैं। कर्मचारियों को आदेश निर्देश दे रहे हैं। इस कोरोना काल में कुर्सी की लड़ाई की जो जंग छिड़ी हुई है ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है।

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स्थानांतरण को निरस्त कराने कवायद तेज

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की बातों पर गौर करें तो डॉ.आरपी पटेल का स्थानांतरण रीवा उप संचालक के लिए कर दिया गया है। लेकिन स्थानांतरण आदेश को निरस्त कराने की कवायदें शुरू कर दिये हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि गत सोमवार की रात्रि तक डॉ.आरपी पटेल भारमुक्त होने के लिए मन बना लिये थे। लेकिन 24 घण्टे के अंदर ही उनका मन फिर से बदल दिया गया है। चर्चाओं के अनुसार एक तथाकथित फार्मासिस्ट अपना रूतवा बनाये रखने के लिए डॉ.एनके जैन को सीएमएचओ के पद पर नहीं देखना चाहते हैं।

इसके पीछे यही तर्क दिया जा रहा है कि डॉ.एनके जैन के आगे उसकी दाल नहीं गलेगी और मनमानी राशि की बंदरबांट नहीं कर पायेगा। इसी के चलते उसने शातिराना दिमाग लगाते हुए डॉ.आरपी पटेल को सेवानिवृत्त होने तक सीएमएचओ पद पर बने रहने के लिए कवायद कर रहा है और वह भोपाल तक भागदौड़ भी कराते हुए अपने आकाओं को सक्रिय कर दिया है। चर्चाएं यहां तक हैं कि यदि स्थानांतरण निरस्त नहीं हुआ तो उच्च न्यायालय के शरण में जा सकते हैं।

जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाएं यथावत हैं, हमने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के चलते मैंने किसी भी चिकित्सक को रिलीव नहीं किया है फिलहाल मेरा उद्देश्य है कि कोरोना पर नियंत्रण पायें। यदि इस संबंध में भोपाल से निर्देश प्राप्त होगा उसी हिसाब से आगे कार्रवाई करेंगे।

राजीव रंजन मीना, कलेक्टर, सिंगरौली।

इनका कहना है

मेरा उप संचालक के पद पर पदोन्नति हुआ है खुद रीवा जाने के लिए इच्छुक था, लेकिन चिकित्सक डॉ.एनके जैन जिला चिकित्सालय से वगैर रिलीव हुए एकतरफा सीएमएचओ का प्रभार ग्रहण कर लिया जबकि उस वक्त मैं टीएल बैठक में था।कलेक्टर ने कोविड-19 के बढ़ते प्रभाव को देख मुझे भारमुक्त होने से मना किया है। मैं लगातार पूर्व की तरह अभी भी कामकाज कर रहा हूॅ।

डॉ.आरपी पटेल सीएमएचओ,सिंगरौली

इनका कहना है

उप सचिव म.प्र.शासन,लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल से मेरा सीएमएचओ पद के लिए स्थानांतरण हुआ है। जहां हमने कलेक्टर महोदय के निर्देश पर सीएमएचओ का पदभार ग्रहण कर लिया है और कलेक्टर महोदय का आगे जैसा निर्देश होगा उसी तरह कार्य करूंगा।

डॉ.एनके जैन, प्रभारी सीएमएचओ,सिंगरौली

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