कोल्ड्रिंक की चाह मुश्किल पड़ी SATNA के बीटेक करने वाले छात्र को, निकला कोरोना पॉजिटिव

दूसरे गांव से SIDHI आ रहे लोग, प्रशासन परेशान

सीधी

सीधी। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण महानगरों मे कंपनियों मे ताला लग चुका है, जिसके कारण जिले से महानगरों मे गए श्रमिक वापस अपने घर लौट रहे हैं। महानगरों से गांव मे आए श्रमिकों मे कोरोना वायरस होने के भी आसार बने हुए हैं, जिसके कारण शासन के द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे शहरों से वापस आने वाले लोगों की जांच की जाए, संदिग्ध पाए जाने पर आइसोलोशन बार्ड मे भर्ती कर जांच कराई जाए। गांव मे आने वाले लोगों की जानकारी देने के लिए सरपंच व सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। सरपंच व सचिवों के द्वारा रिकार्ड संधारित कर स्वास्थ्य महकमे को सूचित किया जाता है, किंतु सूचना के बाद भी बाहर से आए हुए लोगों की जांच करने स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण ग्रामीण भयभीत होकर समय गुजारने को मजबूर हैं, ऐसी लापरवाही बहरी थाना अंतर्गत भनवारी गांव मे सामने आई है।
ये श्रमिक आए वापस अपने गांव-
बताया गया कि फुलवारी गांव निवासी पप्पू साहू पिता कालू साहू हैदरावाद से २३ मार्च को अपने गांव वापस आया, इसी तरह फुलवारी गांव निवासी सुमेश यादव पिता नचई यादव सूरत से २४ मार्च को घर आया। २६ मार्च को शिवकुमार साहू पिता शंकर साहू व राजेश साहू पिता शिवशरण साहू रायपुर छत्तीसगढ़ से वापस अपने गांव भनवारी आए, जिसकी सूचना सरपंच के द्वारा दूरभाष पर बीएमओ व जिला कंट्रोल रूम मे दी गई, किंतु अभी तक इन लोगों की जांच करने कोई नहीं पहुंचा, जिसकी शिकायत सरपंच के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है।
फैल सकता है संक्रमण-
महानगरों मे कोरोला वायरस का प्रकोप ज्यादा है, ऐसे मे बाहर से आने वाले लोगों मे कोरोना वायरस मौजूदगी की ज्यादा संभावना बनी हुई है किंतु इन लोगों की जांच करने मे प्रशासन के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, यदि एक भी पॉजिटिव मरीज गांव पहुंच जाता है तो उसके संकर्प मे आने वाले अन्य लोग चपेठ मे आ सकते हैं किंतु इस गंभीर बीमारी को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। वहीं जिले के सभी सीमाओं पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां बाहर से आने वाले ब्यक्तियों की जांच करने का दावा किया जा रहा है किंतु इन चेकपोस्टों को पार कर लोग अपने घर पहुंच रहे हैं किंतु प्रशासन को इसकी जानकारी ही नहीं हो पा रही है।

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