रूठें विधायकों को मनाने के लिए बेंगलुरु पहुचें कांग्रेस के कद्दावर विधायक केपी सिंह

मध्यप्रदेश शिवपुरी

शिवपुरी। सियासी हलचल के बीच पिछोर से कांग्रेस के कद्दावर विधायक केपी सिंह अपने रूठे साथियों को मनाने बेंगलुरु पहुंच गए हैं। मौजूदा घटनाक्रम के बीच क्षेत्र के सियासतदां उनके रुख पर नजरें लगाए हुए थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ रहे शिवपुरी में कांग्रेस विधायक के पी सिंह को छोड़कर अन्य दो करैरा के विधायक जसमंत जाटव और पोहरी विधायक सुरेश धाकड़ राठखेड़ा इस्तीफा देकर बेंगलुरु में जमे हैं।

जब विधायक केपी सिंह ने बताया की वे बेंगलुरु में हैं। जब उनसे पूछा कि क्या वे नाराज विधायकों को मनाने आए हैं तो उनका कहना था कि एक बार कोई घर छोड़कर चला जाए तो लौटना मुश्किल रहता है, फिर भी प्रयास कर रहा हूं। केपी सिंह के इस बयान को कमलनाथ सरकार को बचाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंत्री नहीं बनाने पर जता चुके नाराजगी
प्रदेश में कांग्रेस सरकार गठन के बाद ये माना जा रहा था कि दिग्विजय सिंह सरकार में मंत्री रहे कद्दावर विधायक को कमलनाथ जरूर मंत्री बनाए जाएंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। इसको लेकर उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से तो बयान नहीं दिया परंतु सोशल मीडिया पर जरूर संकेत देते रहे थे। ऐसे में उनका बेंगलुरु रवाना होना चर्चा में आ गया।

सिंधिया नई ऊचाईयां छुएं और खुश रहे : गौतम
उधर, शिवपुरी के पूर्व विधायक गणेश गौतम का बयान सामने आया है। पहले दिन जारी सूची में उनका नाम कांग्रेस छोड़ने वालों में ऊंचे क्रम पर था, लेकिन अब उनका कहना है कि मैं कांग्रेस में हूं। अगर हमारे महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया नई पार्टी बनाते तो हम बेशक महाराज के साथ होते, लेकिन कांग्रेस पार्टी को छोड़कर अब भाजपा में जाने का सवाल नही है।

मैं पिछले 40 साल से सिंधिया परिवार से जुड़ा हूं। उनका परिवारिक हिस्सा रहा हूं, मैं चाहूंगा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति में नई ऊंचाइयों को छुएं ओर हमेशा खुश और स्वस्थ रहें। 67 वर्ष की उम्र में राजनीति में मेरी कोई महत्वाकांक्षा नहीं बची है।

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