सिंहपुर गोलीकांड में शिवराज सरकार का बड़ा एक्शन, हटाए गए सतना एसपी, न्यायिक जांच के आदेश

सिंहपुर गोलीकांड में शिवराज सरकार का बड़ा एक्शन, हटाए गए सतना एसपी, न्यायिक जांच के आदेश

मध्यप्रदेश रीवा सतना

सतना. सिंहपुर गोलीकांड में शिवराज सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. सतना एसपी को हटा दिया गया है. इस पर सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए है. जबकि मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा देने का भी आश्वासन सरकार ने दिया है. 

बता दें सोमवार की दरम्यानी रात सतना जिले के सिंहपुर थाने के अंदर एक चोरी के संदिग्ध आरोपी की गोली लगने से मौत हो गई थी. घटना के संबंध में बात करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मामले में FIR दर्ज होगी. उसके बाद तथ्यों के आधार पर न्यायिक जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

इधर, सोमवार की दोपहर राज्य सरकार ने रियाज इकबाल को पद से हटा दिया है. साथ ही मृतक के परिवार को 10 लाख के मुआवजे की घोषणा की है. बता दें घटना के बाद से ही थाना क्षेत्र में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. कई जिलों के पुलिस बल हालात को काबू में लाने के लिए तैनात किए गए हैं. साथ ही प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की भी सूचना मिल रही है. 

सतना में मचा हड़कंप: थानेदार की पिस्टल से चली गोली, चोरी के संदेही की मौत

क्या है मामला 

युवक को पुलिस चोरी के आरोप में कुछ दिनों पहले ही गिरफ्तार कर थाने लाई थी. सोमवार की दरम्यानी रात आरोपित को थाने के अंदर गोली लगी. पुलिस के मुताबिक़ फ़ौरन ही आरोपित को रीवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.

एम्बुलेंस कर्मचारी पर जिला प्रशासन की कार्रवाई ,पीपीई किट पहन शराब दुकान पर देखा गया था, वीडियो हुआ था वायरल।

हांलाकि सूत्र बताते हैं की आरोपित को मृत अवस्था में ही पुलिस अस्पताल लेकर आई थी. जबकि मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक को गोली कैसी लगी? वहीं, थाने के अंदर गोली लगने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिरी कैसे बंदूक जेल के अंदर पहुंची. मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है, क्योंकि उसके सिर में गोली लगी है.

इससे पहले पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग थी. उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि परिजन और ग्रामीण शव लेने व घटना का विरोध करने जब थाने पहुंचे तो उन पर बर्बर तरीक़े से लाठीचार्ज किया गया. उन्हें शव भी नहीं दिया जा रहा है. मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो, ताकि परिजनों को इंसाफ मिले.

ख़बरों की अपडेट्स पाने के लिए हमसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी जुड़ें: 

FacebookTwitterWhatsAppTelegramGoogle NewsInstagram