सतना जिले में मिले करोड़ों में बिकने वाले सांप, कीमत जान हैरान रह जायेंगे आप

सतना

सतना। तस्करी बाजार में देश में लाखों व विदेशों में करोड़ के बिकने वाले दुर्लभ प्रजाति के दो दोमुहे सांपों को जब्त करने में मैहर आरपीएफ को कामयाबी मिली है। आरपीएफ ने ट्रेन में सवार दो सपेरों से दोनों सांप बरामद किए हैं। इसके अलावा सपेरों से दो कोबरा सांप भी जब्त किए गए हैं।

जानकारों के मुताबिक दोमुहे सांप (रेड सैंडबोआ) वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित श्रेणी के प्राणी है।बताया गया कि इन सांपों के मांस से सेक्स पावर बढऩे के मिथ के चलते विदेशों खाकसर अरब के देशों में इनकी भारी डिमांड रहती है।

वन विभाग को सौंप दिया

आरपीएफ ने रेड सैंड बोया व कोबरा सांपों को सपेरों सहित वन विभाग को सौंप दिया है। दोनों सपेरों को पकड़कर जब आरपीएफ पोस्ट मैहर लाकर देखा तो दोनो सपेरों के पास 4 सांप ( 2 कोबरा व 2 दो मुह वाले सांप) मिले। वन विभाग द्वारा दोमुहें सापों की अनुमानित कीमत 10 लाख व कोबरा की 10 हजार आंकी है।

विदेशों मे भारी मात्रा में तस्करी

वन परिक्षेत्राधिकारी द्वारा बताया गया कि दो मुह वाले सापों की देश विदेशों मे भारी मात्रा में तस्करी की जाती है व इसकी कीमत करोडों में आंकी जाती है। वन विभाग के जानकारों ने बताया कि रेड सैंडबोया की पूंछ उसके सिर जैसे होती है इसलिए इसे दो मुंह वाला सांप समझ लिया जाता है।

इस तरह आए पकड़ में
बताया गया कि आरपीएफ मैहर के प्रधान आरक्षक गंगा प्रसाद पाण्डेय व विनय कुमार त्रिपाठी आरोपियों को रेलवे न्यायालय जबलपुर में पेश करने के बाद ट्रेन 12149 पुणे-दानापुर सुपरफास्ट से लौट रहे थे। निरीक्षक कटनी का कार्यक्षेत्र शुरु होते ही दोनों ट्रेन को स्कार्ट करने लगे। तभी देखा कि कोच एस-6 में एक नाबालिग सहित दो सपेरे यात्रियों के गले मे सांप डाल डराकर पैसे मांग रहे हैं।

दोनो सपेरों को पकड़कर पूछताछ

सांप देख कुछ यात्री डरे सहमे रहे। आरक्षकों द्वारा दोनो सपेरों को पकड़कर पूछताछ की तो बालिग सपेरे ने अपना नाम सुमेरनाथ 18 वर्ष पिता उत्तम नाथ निवासी ग्राम कपारी थाना शंकरगढ़ जिला इलाहाबाद यूपी बताया। उक्त संपेरों द्वारा बताया गया कि वह सर्पों को जंगल से पकड़कर लाये है और यात्रियों को दिखाकर उनसे पैसे मांगते है। सपेरों को आगे की कार्यवाही के लिए रेंजर एससी मिश्रा के सुपुर्द किया गया।

10 लाख का सांप दिखा वसूल रहे थे 10 रुपए
बताया गया कि सपेरों को दोमुहे सापों की दुर्लभता व कीमत के बारे में जानकारी नहीं थी। वे लाखों के सांप दिखाकर प्रति यात्री 10 रुपए वसूल रहे थे। जानकारों ने बताया कि यदि सांपों की तस्करी से जुड़े किसी बदमाश की नजर सपेरों के पास मौजूद दोमुहें सांपों पर पड़ती तो वह औने-पौने दाम में खरीद कर मोटी रकम वसूलता। बताया गया कि रेड सैंड बोआ की तस्करी के सिललिसे में बीते साल एसटीएफ ने भोपाल में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।