सतना और शहडोल सहित 10 हवाई अड्डों का चयन, 80 सीटर होगा विमान, यह होंगे सर्वे के बिंदु

शहडोल सतना

सतना. रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत देश के 9 रीजन की 19 हवाई पट्टियों के विकास और विस्तार की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। ये हवाई पट्टियां मध्यप्रदेश सहित गुजरात और महाराष्ट्र प्रदेशों में स्थित हैं। मध्यप्रदेश में सतना सहित 10 हवाई अड्डों का चयन किया गया है, जिन्हें वायुमार्ग से देश-विदेश से जोड़ने की तैयारी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) इन हवाई अड्डों को सिविल एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने शीघ्र सर्वे करने जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है। सर्वे में अनुकूल स्थितियां मिलने पर यहां एयरपोर्ट विस्तार का काम शुरू होगा। काम तीन चरणों में होना है। यहां से एटीआर-72 (80 सीटर) श्रेणी के विमान को उड़ाने की योजना है।
इन एयरपोर्ट का होगा विस्तार
मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के जिन हवाई अड्डों का विकास और विस्तार 80 सीटर विमानों के अनुकूल किए जाने के लिए चयन किया गया है उनमें जबलपुर रीजन के सतना, शहडोल, दमोह शामिल हैं। भोपाल रीजन का पचमढ़ी, इंदौर रीजन के बिरलाग्राम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन और नागपुर रीजन का छिंदवाड़ा शामिल है। अन्य प्रदेशों में अहमदाबाद रीजन के दीसा और मेहसाना, औरंगाबाद रीजन के शीरपुर, पोरबंदर रीजन के मिथापुर, पुणे रीजन के एमबे वैली, बारामती और नागपुर रीजन का अकोला हवाई अड्डा शामिल है।

सर्वे के लिये टीम गठित

इन हवाई अड्डों में अनुकूलता सर्वे के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया संचालित निकटतम मेंटोर एयरपोर्ट से एक समिति पहुंचेगी। समिति में एटीएम, सीएनएस, इंजीनियरिंग और ऑपरेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल होंगे। टीम के नोडल अधिकारी सर्वे से पहले स्थानीय कलेक्टर और एसपी से मुलाकात कर सर्वे संबंधित गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को देंगे। बताया गया कि यह सर्वे 29 फरवरी के पहले करना है।
सतना में 26 से 28 के बीच सर्वे
सतना जिला प्रशासन को बताया गया है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत 80 सीटर एटीआर-72 श्रेणी के विमान परिचालन के लिए रन-वे, एयर स्ट्रिप को अपग्रेड करने और निर्माण करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। योजना की व्यवहार्यता का अध्ययन करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से एक समिति गठित कर दी गई है। इसमें जबलपुर एयरपोर्ट के अधिकारी शामिल हैं। टीम सतना हवाई पट्टी के अध्ययन रिपोर्ट के लिए 26 से 28 फरवरी के बीच दौरा करेगी। जानकारी के बाद जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

यह होंगे सर्वे के बिंदु

– सतना हवाई अड्डा योजना के अनुकूल है अथवा नहीं।
– न्यूनतम 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता, भविष्य में विस्तार के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध है या नहीं।

– टर्मिनल, सिटी साइट, सुरक्षा, हवाई पट्टी और बाउण्ड्री का जायजा।
– अधिग्रहण के लिए जमीन की उपलब्धता है या नहीं।

– पहुंच मार्ग की स्थिति कैसी है।
– विद्युत सप्लाई और पानी सप्लाई की स्थिति कैसी है।

– जल निकासी के इंतजाम कैसे हैं।

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