रोड निर्माण

सतना: परेशान ग्रामीणों ने दी आत्मदाह की चेतावनी और घंटे भर में बन गई सड़क

विंध्य सतना

सतना। वर्षों से जिस सड़क को प्रशासन तलाश नहीं पाया था वह सड़क कुछ ही देर में न केवल तलाश ली गई बल्कि कुछ ही घंटों में बन कर तैयार भी कर दी गई। जो काम ग्रामीण वर्षों से मिन्नतें करके नहीं करा पाए वो उनकी सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी ने चंद दिनों के भीतर करवा दिया। कोटर तहसील के लौलाछ गांव में दिन भर प्रशासनिक अफसर जमा रहे और खुद अपनी निगरानी में सड़क बनवाते रहे।

लौलाछ में अपर कलेक्टर जेपी धुर्वे, एसडीएम रामपुर कमलेश पुरी, सीएसपी वीडी पांडेय, तहसीलदार रामपुर आरएन खरे एवं कोटर के तहसीलदार भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ पहुंचे और आत्मदाह का ऐलान कर चुके ग्रामीणों से मुलाकात कर तफ्सील से उनकी बात सुनी। सारा माजरा समझने के बाद प्रशासन ने सड़क की जमीन की नापजोख कराई और अफसरों ने अपने ही सामने सड़क का निर्माण शुरू करा दिया। अब तक नाप के नाम पर हाथ खड़े कर देने वाला आरआई भी बगैर कोई बहाना किये कार्यवाही में हामिल हुआ।

इस दौरान सड़क की जमीन पर किया गया अतिक्रमण भी हटाया गया। जेसीबी मशीन सड़क निर्माण के लिए मिटटी -मुरुम का बंदोबस्त करती रही और मजदूर काम पर लगे रहे। वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से खुश ग्रामीणों ने भी सहयोग में हाथ बंटाया। अफसर देर शाम वहां तब तक मौजूद रहे जब तक कि डब्ल्यूबीएम सड़क का काम पूरा नहीं हो गया।

सीसी सड़क का भूमिपूजन
ढाई दशक से सड़क के लिए तरस रहे ग्रामीणों में हरिजन बस्ती की सड़क के अतिक्रमण मुक्त होते ही खुशी की लहर दौड़ गई । खुशी में लोगों ने मिठाई भी बांटी । इधर प्रशासन की निगरानी में डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण हुआ और उधर सरपंच आशा सुरेंद्र सिंह तथा उपसरपंच शैलेन्द्र सिंह ने शाम को सीसी सड़क निर्माण के लिए भूमि पूजन भी करने में देरी नहीं लगाई। इस अवसर पर वार्ड सदस्य सावित्री सोनी , बद्री सिंह,सुरेंद्र सोनी ,एमपी मिश्रा,रामफल साकेत ,राघवेंद्र नारायण त्रिपाठी,सम्पत सिंह ,रामचरण दाहिया,मनहरण साकेत ,वनस्पति साकेत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

7 साल में 100 फुट सड़क की तलाश
गौरतलब है कि लौलाछ के ग्रामीण बीते सात साल से अपने गांव की बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने और वार्ड नंबर 8 एवं 9 में सड़क की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग प्रशासन से करते आये हैं। इस मसले पर तहसीलदार ,एसडीएम और कलेक्टर को तो दर्जनों ज्ञापन सौंपे ही गए सीएम हेल्पलाइन में भी 14 बार शिकायत की गई थी। लेकिन इन तमाम कोशिशों के बावजूद 7 साल में 100 फुट सड़क की तलाश पूरी नहीं हो पाई थी। नतीजतन गत सप्ताह ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक और ज्ञापन सौंप कर सड़क न बनने पर 18 जून को सामूहिक आत्मदाह करने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कलेक्टर से इसकी इजाजत मांगी थी।