किसान की आत्महत्या पर रीवा में हंगामा

किसान की आत्महत्या पर रीवा में हंगामा, 19 को प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा. बिजली बिल प्रताडऩा के आरोप में किसान द्वारा घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जहां एक ओर परिजनों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर बिल वसूली के लिए प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए मौके पर हंगामा किया। वहीं, शव के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे गुढ़ विधायक सुंदरलाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू सहित आधा सैकड़ा कांग्रेसियों ने कलेक्टर प्रीति मैथिल को घेर लिया, लेकिन कलेक्टर द्वारा मांगें नही मानते हुए जांच का आश्वासन दिया गया साथ ही कलेक्टर द्वारा संवेदनहीन बयान देते हुए कहा गया कि ऐसे कई बड़े आदमी भी हैं जो सुसाइड करते हैं, इससे आक्रोशित कांग्रेसी 19 जून को नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के आगमन पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे सेमरिया वार्ड 15 निवासी इन्द्रभान पिता देवनाथ साकेत (28) ने घर के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्थानीय लोगों सहित परिजनों ने लगाया कि इन्द्रभान ने बिजली विभाग के अधिकारियों की प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या की है, जिसके बाद हंगामा हो गया। कड़ी ममशक्कत के बाद पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया और अंतिम संस्कार करा दिया गया। वहीं, कलेक्ट्रेट कार्यालय के घेराव के दौरान विधायक सुंदरलाल तिवारी कलेटर के साथ उनके चेबर में चले गए, जिसे लेकर मौके पर मौजूद कांग्रेसियों में चर्चाएं शुरू हो गईं।

बीघा भर भी नहीं है जमीन

परिजनों के मुताबिक इंद्रभान चार भाई हैं और माता पिता सहित सभी साथ में रहते हैं। किसी के पास जमीन नहीं है। दिन भर मेहनत मजदूरी करने के बाद जो कमाते हैं, उसी से परिवार का भरण पोषण करते हैं। परिवार की स्थिति दयनीय है, जिससे बकाया बिल नहीं जमा कर पा रहे थे।



कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे

इन्द्रभान के शव का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष, गुढ़ विधायक, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सहित 50 कांग्रेसी कलेक्ट्रेट कार्यालय में धरने पर बैठ गए। सभी की मांग थी कि बिजली विभाग के अधिकारियों और जिन पुलिस वालों द्वारा शव का जबरन अंतिम संस्कार कराया गया है, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। साथ ही परिजनों की आर्थिक मदद की जाए और मृतक की पत्नी को नौकरी दी जाए। एक घंटे तक चले हंगामे के बाद कलेक्ट्रेट प्रीति मैथिल ने एडीएम से पूरे मामले की जांच कराने की बात कही। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की हिदायत दी, जिससे परिजन सहित कांग्रेसी संतुष्ट नहीं थे।

मृतक की पत्नी को दी आर्थिक सहायता

प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये को देखते हुए आक्रोशित कांग्रेसी 19 जून को नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के आगमन पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी सेमरिया के कांग्रेस नेता कुंवर सिंह ने दी। इस दौरान अभय मिश्रा द्वारा मृतक की पत्नी को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने कहा हम कलेक्ट्रेट के निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं। मांगों और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर 19 को प्रदर्शन करेंगे।

कलेक्टर का संवेदनहीन बयान

कलेक्टर ने किसान की मौत के मामले में धरने पर बैठे कांग्रेसी और मृतक के परिजनों पर एक संवेदनहीन बयान दे डाला। कलेक्टर ने कहा ऐसे बहुत से बड़े आदमी भी हैं जो सुसाइड करते हैं, पर यह जांच का विषय है। मुख्यमंत्री द्वारा बिजली बिल सम्बन्धी घोषणा एक जुलाई से लागू होगी, इस कारण वे इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं कर सकती हैं। कलेक्टर के इस बयान पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए इसे संवेदनहीन बयान बताते हुए मजदूर को न्याय दिलाने के लिए नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में 19 को प्रदर्शन करने की घोषणा की है।