रीवा: होटल-रेस्टोरेंट में हो रहे ‘गोरखधंधे’, 500 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से देते हैं लड़के-लड़कियों को ‘प्राइवेसी’

क्राइम रीवा

रीवा। शहर अपनी रफ्तार के साथ महानगर बनने की दौड़ में है तो महानगर होने के गुण भी रीवा में तेजी से शुमार होने लगे हैं। शहर के नामी गिरामी होटल-रेस्टोरेंटों भी बड़े शहरों के तर्ज पर कस्टमर्स को प्राइवेसी की सुविधा देने लगे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार शहर के कुछ नामी गिरामी होटल-रेस्टोरेंट इन दिनों प्राइवेसी के नाम पर कस्टमर्स खास तौर पर कालेजी छात्र छात्राओं से वसूली कर रहें हैं। प्राइवेसी के नाम पर छात्र-छात्राएं भी ऐसी जगहों का रुख करते हैं और मोटी रकम चुकता करते हैं। इन स्थानों में प्रेमी जोड़े कॉलेज कोचिंग में अनुपस्थित दर्ज कर चोरी चुपके मिलते हैं। वहीं शहर के सार्वजनिक पार्कों में पहुंचकर कुछ लड़के लड़कियां ऐसी अश्लीलता फैला रहे हैं कि अब सभ्य नागरिक पार्कों में जाने से कतराने लगे हैं।



200-500 रूपए घंटे तक के हिसाब से करते हैं चार्ज
रीवा रियासत को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन गतिविधियों में शामिल होटल-रेस्टोरेंट 200 से लेकर 500 रूपए तक प्रतिघण्टा चार्ज लेकर लड़के-लड़कियों को प्राइवेसी देते हैं। ये चार्ज सिर्फ प्राइवेसी के लिए लिए जाते है, खाने-पीने की सामग्रियों का चार्ज इनमें नहीं जुड़ा होता, बल्कि अलग से देय होता है। यही नहीं कुछ होटल-रेस्टोरेंट में तो इन सुविधाओं के लिए केबिनों की व्यवस्था भी की गई है, केबिन में बकायदे पर्दे होते हैं।

हैरानी की बात तो यह है कि केबिनों की इजाजत फिलहाल रीवा प्रशासन ने तो किसी भी होटल-रेस्टोरेंट को नही दी है एवं ये न ही ये नियम में है। जबकि प्राइवेट केबिन का एक आकार निश्चित होता है, जो फैमिली मेंबर्स के लिए होती है। परन्तु रीवा के होटलों में बने ये छोटे-छोटे केबिन अपने आप में जाहिर करते हैं कि ये किस कारण और किनके लिए बनाए गए हैं। फिर भी प्रशासन के नाक के नीचे ऐसी गतिविधियां धड़ल्ले से चल रही हैं। न ही इन होटलों की कभी जांच होती है, न ही कोई कार्यवाही। इनमें से कुछ होटल-रेस्टोरेंट तो ऐसे हैं जो शिल्पी प्लाजा, कोर्ट एवं एसपी ऑफिस से महज चंद कदम की दूरी पर हैं, तो कुछ आईजी ऑफिस के समीप सिरमौर चौराहा के आस पास संचालित हैं।