जब अटल बिहारी ने दिया था रीवा में चौका देने वाला बयान, रीवा से ऐसे बनी थी भाजपा की लहर, जरूर पढ़िये

रीवा

सतना/रीवा। भारत रत्न से सुशोभित एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबियत गंभीर बनी हुई है। उनके स्वस्थ होने की कामना पूरा देश कर रहा है। वे भाजपा और जनसंघ के इकलौते ऐसे नेता हैं जिन्हें विपक्ष भी पूरी सिद्दत से नमन करता है। उनके विरोधी उनकी कार्यशैली के कायल हैं। एम्स के डॉक्टर पल-पल उनकी अपडेट दे रहे हैं। पूरे देशभर में उनके स्वस्थ्य होने की कामना की जा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी का रीवा व विंध्य क्षेत्र से बहुत पुराना नाता रहा है।

वर्ष 2003 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान रीवा आए वाजपेयी का भाषण काफी चर्चित हुआ था। उनके द्वारा कहे गए शब्द जुमला बन गए थे, सड़कों पर गड्ढों को लेकर निशाना साधते हुए कहा था कि यहां सड़क पर गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क है। चुटकी लेते हुए वाजपेयी ने कहा था कि रीवा की सड़कों पर यात्रा करने वालों का एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं, वह अपने आप हो जाती है।

रीवा से बनी थी भाजपा की लहर
पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजयेपी की रीवा में करीब दर्जनभर से अधिक सभाएं हुई हैं। पूर्व महापौर वीरेन्द्र गुप्ता बताते हैं कि 80 के दशक में कई सभाएं वाजपेयी की हुई थी, इसके बाद 1993, 98, 2003, 2004 में सभाएं हुई हैं। 1996 में अचानक उनका दौरा रद्द हुआ था। रीवा के कई नेताओं से वाजपेयी के व्यक्तिगत ताल्लुकात थे। 2004 में चुनावी सभा को रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने मार्ग अवरूध करा दिया था। तात्कालिक कांग्रेस सरकार पर अटल ने निशाना साधते हुए कहा था कि रीवा में कुछ नेता लोकतंत्र का गला घोटना चाहते है जिसका जबाव जिले की जनता देगी। नतीजन ये हुआ कि राज्य में भी भाजपा का कमल खिला था।

अटल जी को देखने आए थे लाखों प्रशंसक
विंध्य क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही लोगों की आर्थिक दशा सुधारने में अहम योगदान बाणसागर परियोजना का है। इसका लोकार्पण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। उस दौरान देवलौंद में लाखों की संख्या में पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बाणसागर को जीवनदायनी परियोजना की संज्ञा देते हुए कहा था कि बांध से निकलने वाली नहरें गांव-गांव तरक्की का पैगाम लेकर जाएंगी। वाजपेयी ने कहा था कि सरकारें ऐसी परियोजनाओं पर कम ध्यान देती हैं जो सीधे आम लोगों को लाभ पहुंचाने का काम करती हैं।

मोरारजी देशाई ने रखी थी आधारशिला
उस दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को भी उन्होंने सराहा था, मोरारजी देशाई द्वारा बाणसागर परियोजना की आधारशिला रखी गई थी लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी बांध और नहरों का काम अधूरा था। 25 सितंबर 2006 को बाणसागर परियोजना का लोकार्पण करते हुए वाजपेयी ने यह घोषणा की थी कि इसी की बदौलत मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्हीं के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया और विंध्य क्षेत्र वर्तमान में मालवा को टक्कर दे रहा है।

कहा था कि रीवा में एक और सरकार चलती है
वाजपेयी ने उस दौर की दिग्विजय सिंह की समानांतर सरकार पर चिंता जताई थी। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि रीवा में एक और सरकार चलती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा था कि जनता पर तानाशाही करने वालों का अंजाम बुरा होता है। उन्हीं के भाषण सुनने के बाद विंध्यक्षेत्र में कमल खिला। धीरे-धीरे मतदाता कांग्रेस से दूर होते गए।