सतना में भाई ने अपने बड़े भाई और भाभी की गोली मारकर की हत्या

रीवा में अंधी हत्या का खुलासा, मामा ने चरित्र शंका के चलते भांजी को उतारा था मौत के घाट, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी…

उत्तर प्रदेश प्रयागराज रीवा

4 साल पुरानी अंधी हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, गोली और चाकू मारकर की गई थी युवती की हत्या

रीवा. सोहागी पुलिस ने 4 वर्ष पुरानी अंधी हत्या का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ करने के बाद न्यायालय में पेश कर दिया. साथ ही अन्य तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है. पकड़ा गया आरोपी डब्लू सिंह उर्फ विजय बहादुर सिंह पिता जीतेंद्र बहादुर सिंह निवासी सैदलीपुर थाना गदागंज जिला रायबरेली उत्तर प्रदेश का बताया जाता है. जबकि उसके तीन साथी फरार हैं.

इस अंधी हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पवन शुक्ला, पीएसआई अभिषेक पटेल, आरक्षक विजेंद्र जयसवाल, आरक्षक राहुल कुमार, आरक्षक आशुतोष मिश्रा, आरक्षक पंकज शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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गौरतलब है कि सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत 10 मई 2016 को सूचना मिली थी कि नैना नदी काकर घाट पुल के नीचे देहाती मार्ग में एक युवती का लहूलुहान शव पड़ा मिला था. सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंचकर पंचनामा कार्यवाही की थी.

20 वर्षीय युवती के शव में गोली के निशान और चाकू से गोदकर हत्या करने की पोस्टमार्टम में जानकारी मिली थी. पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी. मृतका की शिनात जूली उर्फ गरिमा सिंह पिता राज मोहन सिंह उर्फ राजू सिंह उम्र 20 वर्ष निवासी चौहान का पुरवा थाना सलोन जिला रायबरेली उत्तर प्रदेश के रूप में हुई थी.

परिजनों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि मृतिका अपने मामा संजय सिंह पिता रामाधार सिंह निवासी जमुनापुर जिला रायबरेली के घर काफी लंबे समय से रह रही थी. 9 मई 16 को डब्लू सिंह शाम करीब 5 बजे अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठने की बात कह कर जूली सिंह को अपने साथ लेकर गया था. जूली सिंह लौटकर घर नहीं पहुंची थी.

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थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी डब्लू उर्फ विजय बहादुर सिंह निवासी सैदलीपुर का पता लगाया गया. जिसे 11 सितंबर को गिरफ्तार कर सोहागी थाना लाया गया. जहां पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए जूली सिंह के मामा संजय सिंह निवासी जमुनापुर, धोनी सिंह और हाकिम सिंह निवासी नसीरपुर के साथ हत्या करने की बात कबूल कर ली है.

चरित्र शंका के चलते उतारा था मौत के घाट

आरोपी ने बताया कि योजना बना कर सोनारी रोड में नैना नदी के काकर घाट में बने सुनसान पुल पर लेकर आया था और गोली मारकर हत्या कर दी थी. साक्ष्य छुपाने की नियत से लाश को पुल के नीचे छिपाकर सभी फरार हो गए थे. आरोपी ने हत्या की वजह युवती के चरित्र पर शक करना और बदनामी होने की डर से हत्या कर शव छुपाने की बात बताई है.

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