रीवा: कराधान घोटाला मामले में बेंडर सहित बाबू पर एफआईआर

रीवा: कराधान घोटाला मामले में बेंडर सहित बाबू पर एफआईआर

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा: कराधान घोटाला मामले में बेंडर सहित बाबू पर एफआईआर

रीवा (विपिन तिवारी):  जिले की पंचायतों में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। हालही में आरटीआई एक्टिविस्ट के द्वारा बड़ा भ्रष्टाचार सामनें आया है। जिसमें ज़िले के 8 सरपंच सचिव को पदमुक्त किया गया है। कराधान घोटाले में जिला पंचायत सीइओ स्वप्लिन वानखड़े ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक कार्रवाई में बाबू राजेश सोनी और वेंडर नागेन्द्र के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सीइओ ने यह कार्रवाई तत्तकालीन कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव के जांच प्रतिवेदन के आधार पर की है।

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यह था मामला

गंगेव जनपद में एक साल पहले पांच दिन के भीतर एक खाते में 6.17 करोड़ रुपए वेंडर नागेन्द्र सिंह के खाते में भेज दिया था। मामले का मास्टर माइंड ब्लाक का बाबू राजेश सोनी ने जनपद क्षेत्र के 38 पंचायतों में कराधान की राशि का बंदरबांट कर लिया। मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता संजय मिश्र ने शिकायत की। संभागायुक्त ने शिकायत सही पाई। संभागायुक्त ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजकर एफआइआर और वसूली का प्रतिवेदन की सिफारिस की है। पूरे मामले में 12 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है।

फर्जी बिल पर बाबू ने भुगतान कराई थी राशि

जांच टीम ने अपने प्रतिवेदन में लिखा है कि शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन एवं मैटोरियल सप्लायर के खाते में 28 अगस्त 2019 से 3 सितंबर के मध्य इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफसर पद्धति से राशि का भुगतान किया था। थाना प्रभारी एसके शुक्ला ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाडे में अभी आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

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भाजपा विधायकों ने किया था बचाव

कराधान घोटाले में कराई गई जांच और शुरू कार्रवाई के विरोध में भाजपा के दो वरिष्ठ विधायक सरपंच-सचिवों के साथ खड़े नजर आए। बीते महीने गंगेव में आयोजित एक कार्यक्रम में विधयाक गिरीश गौतम और पंचूलाल ने कहा था कि कांग्रेस के सरकार में साजिश के तहत सरपंचों को फंसाया गया था।

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