बड़ी खबर : रीवा के नामी कालेज पेंटियम प्वाइंट में ईओडब्ल्यू की दबिश, इन बड़े नामो पर दर्ज हुआ प्रकरण

रीवा

रीवा। प्रदेश के सबसे बड़े छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल रीवा के मामले में ईओडब्ल्यू ने शहर के नामी कालेज पेंटियम प्वाइंट में दबिश देकर दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। ईओडब्ल्यू एसपी राजेश दंडोतिया स्वयं इस मामले में दबिश देने पहुंचे और जो भी दस्तावेज जांच के लिए जरूरी हैं उन्हें उपलब्ध कराने के लिए कालेज संचालक को निर्देश दिया।

छात्रवृत्ति के नाम पर किए गए घोटाले पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (इओडब्ल्यू) ने 13 लोगों पर एफआइआर दर्ज किया है। इसमें सरकारी और प्राइवेट कालेजों के प्राचार्य एवं छात्रवृत्ति का काम देखने वाले कई बड़े अधिकारियों के साथ ही आदिम जाति कल्याण विभाग के तत्कालीन अधिकारी शामिल हंै। लंबे समय से इस घोटाले की जांच इओडब्ल्यू द्वारा की जा रही थी, रीवा से भेजे गए जांच प्रतिवेदन का भोपाल में भी परीक्षण किया गया और वहीं पर एफआइआर दर्ज की गई।
यह मामला वर्ष 2012-13 में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए की आर्थिक अनियमितता से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को दी गई छात्रवृत्ति में कूटरचित दस्तावेज का उपयोग कर नोडल अधिकारियों और कॉलेजों के जवाबदेह अधिकारियों की मिलीभगत से राशि आहरित कर ली गई। छात्रों को इस राशि का भुगतान नहीं होने से मामला सुर्खियों में आया और शिकायतें कई स्थानों पर की गई।

संस्थाओं के खाते में भेजी राशि
नियम है कि छात्रवृत्ति की राशि छात्र के खाते में ट्रांसफर की जाए लेकिन यहां संस्थाओं के खाते में राशि षड्यंत्र के तहत भेजी गई। यह राशि संस्था के जवाबदेह अधिकारियों ने आहरित भी कर ली। बगैर मूल ट्रांसफर सॢटफिकेट(टीसी) के छात्रों को अपनी संस्था में प्रवेशित एवं नियमित छात्र बताकर छात्रवृत्ति स्वीकृत कराई गई।

ये धाराएं लगाई गई हैं आरोपियों पर
जिन 13 आरोपियों पर एफआइआर दर्ज की गई है उनके विरुद्ध भादवि की धारा 420, 409, 120बी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)डी एवं 13(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

इन बड़े आरोपियों पर दर्ज हुआ प्रकरण
1-ब्रह्मनंद त्रिपाठी, संचालक पेंटियम प्वाइंट टेक्निकल कॉलेज रीवा
2- प्रभाशंकर कोल, तत्कालीन लिपिक टीआरएस कॉलेज रीवा
3- अखंड प्रताप मिश्रा, तत्कालीन प्राचार्य टीआरएस कॉलेज रीवा
4- डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ, संचालक एसएस सांईनाथ पैरामेडिकल कॉलेज रीवा।
5- डॉ. एमएल कुशवाहा, तत्कालीन प्राचार्य शासकीय आयुर्वेद कॉलेज रीवा
6- डॉ. विनोद पाण्डेय, प्राचार्य एसएस पाण्डेय पैरामेडिकल संस्थान रीवा
7- कमलेश्वर प्रसाद पाण्डेय, संचालक एसएस पाण्डेय पैरामेडिकल संस्थान रीवा
8- डॉ. एसएस कुशवाहा, तत्कालीन डीन एसएस मेडिकल कॉलेज रीवा।
9- डॉ. चंदा रजक, प्रभारी अधिकारी छात्र शाखा शासकीय एसएस मेडिकल कॉलेज रीवा।
10- सीएल सोनी, सहायक संचालक पिछड़ावर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग रीवा
11- टीपी अहिरवार, कनिष्ठ लेखाधिकारी कार्यालय सहायक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग रीवा
12- एसडी सिंह, तत्कालीन जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग रीवा
13- कनिष्ठ लेखाधिकारी एवं अन्य, कार्यालय आजाक रीवा

टीआरएस कालेज में भी दी दबिश
ईओडब्ल्यू की टीम ने टीआरएस कालेज में भी दबिश देकर दस्तावेज जब्त किए। इस दौरान कालेज में हड़कंप की स्थिति मची रही। प्राचार्य रामलाल शुक्ला ने कुछ दस्तावेज तो तुरंत ही उपलब्ध करा दिए हैं लेकिन कुछ के लिए समय मांगा है। जिसके लिए इओडब्ल्यू की टीम दोबारा आएगी। यहां पर निरीक्षक प्रेरणा पाण्डेय के नेतृत्व में दबिश दी गई। टीआरएस कालेज के तत्कालीन प्राचार्य सहित कई कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।


छात्रवृत्ति घोटाले में करीब एक करोड़ रुपए की अनियमितता अब तक सामने आई है। प्राथमिक जांच के बाद 13 आरोपियों पर प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी के तहत दस्तावेजों की जब्ती की जा रही है। पेंटियम प्वाइंट कालेज से कई जरूरी दस्तावेज लिए गए हैं।
राजेश दंडोतिया, एसपी इओडब्ल्यू रीवा