जिले के बाहर से रीवा आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए होम क्वारेंटाइन के आदेश, उल्लंघन करने पर होगा प्रकरण दर्ज

रीवा / आज के सरकारी समाचार, यहाँ पढ़ें / 02 July, 2020 / Part-I

रीवा

जल भराव से जन हानि होने पर ठेकेदार तथा अधिकारियों पर होगा प्रकरण दर्ज – प्रशासक

सम्पत्ति कर का 15 दिन में वास्तविक आकलन कर कठोरता से वसूली करें – प्रशासक

रीवा. रीवा संभाग के कमिश्नर तथा नगर निगम के प्रशासक श्री राजेश कुमार जैन ने नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर की पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि नगर निगम का बजट उसकी वास्तविक आय तथा प्राप्त राशियों के आधार पर बनायें.

नगर निगम के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें. नगर में पेयजल व्यवस्था अच्छी है तथा पर्याप्त पानी आमजन को उपलब्ध कराया जा रहा है. नगर निगम प्रशासक ने कहा कि शहर में 19 बसाहटें ऐसी हैं जहां भारी वर्षा होने पर जल भराव हो सकता है. इनमें जल निकासी के लिए 17 बड़े नालों का निर्माण दो वर्ष पूर्व से स्वीकृत है. इनमें से केवल तीन नालों का निर्माण ही पूरा हो पाया है.

अधीक्षण यंत्री शेष निर्माणाधीन नालों का निर्माण शीघ्र पूरा करायें. नाला निर्माण की प्रगति की निगरानी न करने के कारण इनमें देरी हुई है. शहर में जल भराव होने से यदि जन हानि हुई तो नाला निर्माण कर रहे ठेकेदार तथा नगर निगम के अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज करके कार्यवाही की जायेगी.

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प्रशासक नगर निगम ने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है. करों की वसूली लक्ष्य से बहुत कम है. वसूली के लिए तैनात अमला हर माह लक्ष्य के अनुसार वसूली नहीं करेगा तो उसे वेतन नहीं मिलेगा. शहर में तीन लाख 30 हजार से अधिक आबादी होने के बावजूद शहर में सम्पत्ति कर केवल कुल सात करोड़ रूपयों का है.

उपायुक्त तथा वसूली अधिकारी 15 दिनों में सभी प्रमुख भवनों, व्यावसायिक संस्थानों तथा पेट्रोल पंपों के वास्तविक क्षेत्रफल मापकर वास्तविक सम्पत्ति कर निर्धारित करें. सभी बारात घरों, नर्सिंग होम, होटल तथा अन्य व्यावसायिक भवनों की सम्पत्ति कर का नये सिरे से निर्धारण कर वसूली की कार्यवाही करें. शहर को पर्याप्त पानी देने के बावजूद करोड़ों का जल कर लंबित है.

लंबित करों की कठोरता से वसूली करें. हर माह कम से कम चार करोड़ रूपये की वसूली करें. इसमें किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जायेगी. दुकान किराया, बाजार बैठकी तथा अन्य करों की भी ठीक से वसूली करें. नगर निगम की आय बढ़ेगी तभी विकास के कार्य हो सकेंगे.

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प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में निर्देश देते हुए नगर निगम प्रशासक ने कहा कि शहर में स्वीकृत 2240 आवासों में से 910 पूर्ण हो गये हैं. इन सभी के हितग्राहियों के ऋण प्रकरण बैंकों से मंजूर कराकर हितग्राहियों को आवासों का आधिपत्य दें. हर माह कम से कम 100 प्रकरणों का निराकरण करायें.

नगर निगम प्रशासक ने नगर की साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नगर की साफ-सफाई नहीं हो रही है. शहर की हर बस्ती से प्रतिदिन कचरे का उठाव करें. इसके लिए संबंधित निजी संस्था पर्याप्त संख्या में वाहन तैनात करे. कचरे के निपटान के लिए निर्धारित स्थल पर आवश्यक निर्माण कार्य तथा कम्पोस्ट प्लांट समय पर पूरा करायें. शहर को हर हाल में साफ-सुथरा रखना है. कचरा उठाने वाली एजेंसी जितना कचरा उठाये उसी के अनुपात में भुगतान करें.

नगर निगम प्रशासक ने शहर में सीवर लाइन तथा गैस पाइप लाइन के निर्माण के कारण मुख्य मार्गों की स्थिति खराब होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि शहर की सभी प्रमुख सड़कों में तत्काल सुधार करायें. फ्लाई ओवर निर्माण तथा रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के कारण आवागमन की बाधा को दूर करायें.

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शहर में लोक निर्माण विभाग, हाऊसिंग बोर्ड तथा अन्य निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय करके पेयजल पाइप लाइन को सुरक्षित रखने का प्रयास करें. इन सभी निर्माण एजेंसियों से लंबित राशि की वसूली करें.

रतहरा से चोरहटा तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण में पेयजल पाइप लाइन, सीवर लाइन तथा गैस पाइप लाइन बिछाने के कारण कई कठिनाईयां आ रही हैं. इन्हें समन्वय से दूर करें. लोक निर्माण विभाग से लंबित राशि की तत्काल मांग करें.

बैठक में नगर निगम प्रशासक ने कहा कि शहर में जल भराव के कारणों का पता लगाकर उसे दूर करने के प्रयास करें. उन्होंने आयुक्त नगर निगम को शहर में कार्य कर रही विभिन्न निर्माण एजेंसियों तथा विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए.

उन्होंने आयुक्त नगर निगम को अनुपयोगी वाहनों तथा कबाड़ की नीलामी एवं मृत पशुओं के निस्तारण के लिए ठेकेदार निर्धारित करने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए. बैठक में नगर की प्रकाश व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में आयुक्त नगर निगम मृणाल मीणा ने नगर निगम के कार्यों की जानकारी दी.

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बैठक में अधीक्षण यंत्री शैलेन्द्र शुक्ला, कार्यपालन यंत्री एसके चतुर्वेदी, उपायुक्त एसके पाण्डेय, उपायुक्त राजेश सिंह, कार्यपालन यंत्री एसके शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी भागीरथ गौर, सम्पत्ति अधिकारी अशोक सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.


अनलॉक-2 के दौरान रात्रि 10 बजे से प्रात: 5 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी

रीवा. कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट इलैयाराजा टी ने जिले में नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से 29 जून द्वारा अनलॉक 2.0 अन्तर्गत प्रतिबंधित गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ करने के दिशा निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने कन्टेनमेंट क्षेत्र के बाहर चिन्हित गतिविधियों को प्रतिबंधित करने एवं सशर्त संचालित करने के निर्देश दिये हैं. कलेक्टर ने भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत 31 जुलाई तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है.

उन्होंने बताया कि रात्रि 10 बजे से प्रात: 5 बजे तक व्यक्तियों की आवाजाही अत्यंत आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर प्रतिबंधित रहेगी. लॉकडाउन के दौरान एवं लॉकडाउन में प्रदान की गयी शिथिलता अवधि के दौरान 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे, सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, चिकित्सकीय आधार पर होम क्वारेंटाइन किये गये व्यक्ति एवं रेल, सड़क एवं अन्य साधनों से प्रदेश के बाहर तथा इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल से आने वाले समस्त व्यक्ति आगमन तिथि से 14 दिवस तक बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाया है.

समस्त धार्मिक प्रतिष्ठानों, पूजा स्थलों को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित करने की अनुमति दी है. उन्होंने कहा है कि धार्मिक प्रतिष्ठानों में जाने वाले व्यक्ति अपने जूते, चप्पल, निर्दिष्ट पृथक स्थान पर स्वयं रखेंगे. परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाय. परिसर के अंदर एवं बाहर संचालित दुकान, स्टाल, कैफेटेरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा.

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परिसर में प्रवेश के पूर्व आगन्तुक साबुन एवं पानी से हाथ एवं पैर धोएगें. मूर्ति एवं धार्मिक ग्रंथ को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी. धार्मिक प्रतिष्ठानों में प्रसाद, चरणामृत, छिड़काव आदि का वितरण प्रतिबंधित रहेगा. आरती की थाली, मूर्ति आदि पर चढ़ावा कैश के रूप में न दें. डिजिटल ट्रांसफर आफ मनी को प्राथमिकता दे या दान पेटी में दान दे.

धार्मिक प्रतिष्ठान में फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चुनरी, चढ़ाने के अनुमति नहीं है. मंदिर में घंटी बजाने की अनुमति नहीं होगी. रैलिंग का स्पर्श करने से बचना होगा अधिक संख्या में भीड़ एकत्रित होने की अनुमति नहीं है. कोविड-19 संक्रमण के परिप्रेक्ष्य में प्रि-रेकॉर्डेड भजन गीत बजाये जाय. गुरूवाणी गाने की अनुमति नहीं है. घर से वजू करके आये. अभिवादन के लिए एक दूसरे को स्पर्श न करें.

         कलेक्टर ने आदेश जारी किये हैं कि समस्त होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य हास्पिटैलिटी सेवाओं को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक संचालित करने की अनुमति होगी. जिन्हें कोविड-19 के कोई भी लक्षण न हो उन्हीं स्टाफ एवं अतिथि या टूरिस्ट के होटल में प्रवेश की अनुमति होगी. स्टॉफ या अतिथियों के लिए फेस कवर, मास्क आवश्यक है एवं वहीं व्यक्ति होटल में प्रवेश कर सकेंगे.

फेस कवर या मास्क होटल के अंदर भी हर समय पहनना होगा. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा. स्टाफ को हाथों में दस्ताने पहनना जरूरी है. होटल प्रबंधन होटल के बाहर एवं होटल के अंदर के परिसर में जन समुदाय की भीड़ प्रबंधन सही प्रकार से करे. एलिवेटर में चढ़ते उतरते वक्त व्यक्तियों की संख्या सीमित हो. इसी प्रकार एक्सलेटर में भी व्यक्तियों की दूरी बनाये रखी जाय. अतिथियों द्वारा सेनेटाइजर का उपयोग किया जाय. रिसेप्शन पर हैण्ड सेनेटाइजर उपलब्ध कराना होगा.

         कलेक्टर ने आदेश दिये हैं कि विवाह समारोह में सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जाय और 50 से अधिक अतिथियों की अनुमति नहीं होगी. अन्त्येष्टि एवं अंतिम संस्कार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जाय इसमें 20 से अधिक लोगों की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन अवधि में समस्त मोबाइल धारक व्यक्तियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना एवं अपडेट करना आवश्यक होगा.

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अनिवार्य रूप से फेस मास्क लगाये कम से कम 6 फीट की दूरी बनाये रखी जाय. सार्वजनिक स्थान पर तम्बाकू, गुटका, पान, च्यूंगम, बबलगम का उपयोग प्रतिबंधित होगा. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना, कुल्ला करना, गरारे करना, मुह धोना, टूथब्रश करना प्रतिबंधित है. आम लोगों को लिक्विड सोप, पेपर सोप, सेनेटाइजर साथ में रखने की हिदायत दी जाती है.

         लॉकडाउन अवधि में समस्त शासकीय एवं प्राइवेट शिक्षण संस्थायें, कोचिंग क्लास, आंगनवाड़ी, मदरसा पूर्णत: बंद रहेगा. सभी सिनेमा घर, जिम्नेजिंयम, स्पा, मसाज पार्लर, जिम, स्वीमिंग पुल, पार्क, थियेटर, बार,आडिटोरियम असेम्बली हाल पूर्णत: बंद रहेगे. सभी सामाजिक, राजनैतिक, स्पोर्टस, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक धार्मिक गतिविधियां तथा कार्यक्रम नहीं होगे.

नदियों के घाट पर सामूहिक स्नान एवं अन्य धार्मिक क्रियाकलाप प्रतिबंधित रहेंगे. उन्होंने आदेश जारी किये है कि लॉकडाउन के दौरान जिले में बाहर से आने वाले सभी व्यक्ति रेल से आने पर प्रारूप-1 में रेलवे स्टेशन पर बनाये गये आगमन पंजीयन काउंटर पर सूचना देंगे. उक्त व्यक्तियों को चिकित्सकीय परीक्षण के अधीन प्रारूप-2 में अंतरिम आदेश आगमन पंजीयन काउंटर पर नियुक्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा दिया जायेगा.

आगमन पंजीयन काउंटर पर नियुक्त प्राधिकृत अधिकारी द्वारा दिया जायेगा और संस्थागत क्वारेंटाइन के लिए व्यक्तियों को क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचाया जायेगा. यदि किसी कारण से आगमन पंजीयन काउंटर पर सूचना नही दी गयी तो नगरीय क्षेत्र में निवासरत व्यक्ति नगर पालिका कार्यालय में और ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत व्यक्ति जनपद पंचायत कार्यालय में सूचना देगे.


एटीएम कार्ड धारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलेगी 2 लाख रूपये के बीमा दावा की राशि

रीवा. समस्त बैंकों द्वारा एटीएम कार्ड धारकों का बीमा कराया जाता है. यदि एटीएम धारक की दुर्घटना से मृत्यु होती है तो उसके नामनी को 2 लाख रूपये की बीमा दावे की राशि का भुगतान संबंधित बैंक द्वारा किया जाता है.

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         बीमा दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक है कि उसकी मृत्यु दुर्घटना से हुई हो. उसका एटीएम कार्ड सक्रिय हो, बैंक द्वारा निर्धारित समय सीमा के पहले तक एटीएम कार्ड धारक द्वारा मृत्यु दिनांक से पूर्व कम से कम एक वित्तीय या गैर वित्तीय लेन-देन किया गया हो.

एटीएम धारक की मृत्यु दिनांक के बाद एटीएम से कोई लेन-देन न किया गया हो. बीमा दावे की राशि प्राप्त करने के लिए एटीएम धारक के नामनी द्वारा बैंक में क्लेमफार्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, एफआईआर या पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीमित व्यक्ति का पहचान पत्र, नामनी कर पहचान पत्र, नामनी के बैंक खाते का कैंसिल चेक एवं डिस्चार्ज रिसीप्ट लगाना आवश्यक होगा. दावे की राशि प्राप्त करने के लिए मृत्यु दिनांक से 30 दिवस के अंदर बैंक में आवेदन देना होगा.


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