रीवा-सतना सहित इन सड़को का समय पर काम न होने पर प्रोजेक्ट वापस लिया, 5 साल से बेकार निकले

रीवा

रीवा | एमपीआरडीसी का परफॉर्मेंस बेकार निकला। समय पर बड़े प्रोजेट पूरा नहीं करा पाया। इसके कारण केन्द्र सरकार तक किरकिरी हुई। यही वजह है कि अब सरकार ने फिर से खत्म हो चुके एनएच डिवीजन को स्टैण्ड किया है। आधा दर्जन सड़कें भी एमपीआरडीसी से छीनकर एनएच को ट्रांसफर कर दी गई हैं। अब जो सड़कें एमपीआरडीसी नहीं बनवा पाया, उसे एनएच डिवीजन पूरा कराएगा।

एमपीआरडीसी समय पर पूरे नहीं कर सका प्रोजेट भूतल परिवहन मंत्रालय की सड़कों को प्रदेश में बनाने के लिए सरकार ने मप्र रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन का निर्माण किया। इसे प्रदेश के सभी नेशनल हाइवे बनाने की जिमेदारी सौंप दी गई। वहीं पीडल्यूडी का एनएच डिवीजन धीरे धीरे बंद कर दिया गया। अब बड़े प्रोजेट को समय पर पूरा कराने में एमपीआरडीसी फेल हो गया, तो सरकार ने खत्म हो रहे एनएच डिवीजन को जिंदा करना शुरू कर दिया। इतने सालों बाद फिर से पुराने विभाग पर भरोसा जताया गया है। इतना ही नहीं, रीवा से खत्म कर दिए गए एनएच डिवीजन को होशंगाबाद से वापस बुलाकर स्टैण्ड कराया गया है।

एनएच को स्टैण्ड करने के साथ ही एमपीआरडीसी से छीनकर चार सड़कें भी दे दी गई हैं। इसके अलावा भूतल परिवहन मंत्रालय की निर्माण एजेंसी एनएचएआई ने भी कई सड़कें एमपीआरडीसी से वापस ले ली हैं, जिनका काम एजेंसी खुद करा रही है। खराब परफार्मेंस ने फिलहाल एमपीआरडीसी की झोली खाली कर दी गई है। इसके पास गिनती की ही सड़कें बची हुई है।