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कलेक्टर रीवा ने फिर दिया मानवता का परिचय, एक्सीडेंट में घायल छात्रा के उपचार को दिया अपना वाहन, खुद पैदल गईं

रीवा

रीवा। कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक ने शुक्रवार को सच्चे लोकसेवक होने का परिचय दिया। उन्होंने एक घायल छात्रा के उपचार के लिए अपना वाहन दे दिया और खुद पैदल बंगले गईं। बात शुक्रवार सुबह शहर के बजरंग नगर गेट की है। सुबह के समय वह समान तिराहा की ओर से सिविल लाइन की ओर आ रही थीं। जैसे ही वह बजरंग नगर गेट के पास पहुंचीं, वहां पर भीड़ लगी थी। उन्होंने देखा कि एक छात्रा एक्सीडेंट होने से बुरी तरह घायल हो गई है और खून से लथपथ है।

कलेक्टर तुरंत छात्रा के पास पहुंचीं और उसे अपने हाथों से उठाया और अपने वाहन में लिटाकर ड्राइवर को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेज दिया। इतना ही नहीं, ड्राइवर को भर्ती कराने के साथ ही उपचार की भी व्यवस्था कराने को कहा। इसके बाद वह खुद पैदल ही सिविल लाइन स्थित बंगले की ओर चल दीं। कुछ लोगों ने मदद भी करना चाहा, लेकिन उन्होंने नहीं ली। इस संबंध में प्रत्यक्षदर्शी बांधव पब्लिक स्कूल की प्राचार्य अल्का तिवारी ने बताया कि वह अपनी कार से बच्चों के साथ सिरमौर चौराहा की ओर आ रही थीं। उन्होंने बताया, मेरे पहुंचने के थोड़ी देर बाद कलेक्टर भी पहुंचीं और जानकारी मिलने पर सीधे घायल छात्रा के पास पहुंची और उठाने लगीं। अल्का ने बताया कि छात्रा को उन्होंने अपने वाहन में लिटाया और बिना देर किए अस्पताल भेजवाया।

अल्का ने कहा कि जब वह अपने बंगले की तरफ अकेले ही पैदल चलने लगीं तो हमने लिट देना चाहा, लेकिन वह बोलीं कि दूसरे वाहन को बोल दिया है आता ही होगा।

सरकारी वाहन एबुलेंस ही तो है

मैथिल कलेक्टर प्रीति मैथिल ने कहा, ट्रेनिंग में बताया गया था कि हर सरकारी वाहन एंबुलेंस ही है। एसीडेंट के मामलों में किसी घायल को उपचार के लिए देरी मतलब उसकी जान को खतरा। इसलिए एंबुलेंस बुलाने के बजाय अपना वाहन ही भेज दिया। यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह तो लोकसेवक का काम ही है।