रीवा : TRS COLLEGE: कही डां रामलला का फिर से प्राचार्य बनना प्रशासनिक फेरबदल तो नही !

रीवा

रीवा । डॉ. सत्येंद्र शर्मा के अतिरिक्त संचालक बनाए जाने के साथ ही शासन स्तर से टीआरएस कॉलेज के प्राचार्य की जिम्मेदारी डॉ. रामलला शुक्ला को दिए जाने का आदेश जारी हुआ है। डॉ. शुक्ला इससे पहले प्रभारी के रूप में प्राचार्य की जिम्मेदारी देखते रहे हैं। डॉ. शर्मा के आने के बाद उन्हें कॉलेज के नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस बदलाव को लेकर सुबह से ही कयासबाजी शुरू हो गई थी लेकिन आदेश शाम को जारी हुआ।
बताया जा रहा है कि टीआरएस कालेज मे रोज हो रहे धरना प्रदर्शन, विरोध प्रदर्शन को बाखूबी से सिर्फ डां रामलला ही निकालते आ रहे है। इस बात को लेकर कई बार एनएसयूआई ने विरोध दर्ज कराया है कि डां रामलला उनकी बातो पर ध्यान नही देते जिससे आये दिन उन्हे विरोध प्रदर्शन करना पडता है।

राजनीतिक दबाव भी
बताया जा रहा है कि डां रामलला को प्राचार्य पद का दायित्व मिलने से लोगो का कहना है कि यह एक राजनीतिक फेरबदल है।

दुसरा मामला ये 

कॉलेज में 60 फीसदी से कम अंक वालों को प्रतिबंधित किए जाने से छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया। छात्रों ने कॉलेज से लेकर अतिरिक्त संचालक कार्यालय तक हंगामा मचाया। तत्कालीन अतिरिक्त संचालक डॉ. नीता सिंह को ज्ञापन सौंपकर 60 फीसदी से कम अंक वाले छात्रों को भी मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल के नेतृत्व में प्रदेश सचिव मंजुल त्रिपाठी, सिद्धार्थ सिंह, अतुल द्विवेदी, शुभम सिंह चंदेल, विपिन तिवारी अर्पित पांडेय, सोमिल पांडेय, पवन सिंह, मुजीब खान, यमन अली, नावेद खान, जुनैद खान, अंकित सिंह, प्रदीप सोंधिया, चंदन सिंह, अमन खान, शैफ अंसारी, उवैद खान, शाहिल खान, नायाब खान, शिवम तिवारी, अनुराग चतुर्वेदी सहित अन्य छात्र शामिल रहे।