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रीवा: जिपं सीईओ ने प्रधानाध्यापक समेत 19 शिक्षकों को किया निलंबित, जानिए क्या है कारण…

रीवा

रीवा. शासकीय विद्यालयों में खराब शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर जिला पंचायत शिक्षकों पर शिकंजा कसने लगा है। जिला पंचायत सीइओ ने माध्यमिक एवं प्राइमरी विद्यालयों की गुणवत्ता सहित अन्य व्यवस्थाओं की रेंडम जांच कराई, जिसमें शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है। जांच अधिकारियों के प्रतिवेदन पर जिला पंचायत सीइओ मयंक अग्रवाल ने बैकुंठपुर सीएसी सहित १९ सहायक शिक्षक एवं अध्यापकों को निलंबित कर दिया है।

जांच प्रतिवेदन पर सीइओ ने की कार्रवाई
जिला पंचायत सीइओ ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हर्दी कपसा के सहायक शिक्षक रवीन्द्र शुक्ला, संतोष पांडेय सहित अध्यापक सियासरण रावत, हीरालाल द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। इसी तरह विद्यालय में पठन-पाठन और शैक्षणिक गुणवत्ता ठीक नहीं पाए जाने पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय वीरखाम के अध्यापक उमेशकली सिंह पर निलंबन की कार्रवाई की है।

माड़ौ में पूरा स्टाफ सस्पेंड
माड़ौ माध्यमिक शाला के प्रधानाध्यापक कन्हैयालाल साकेत सहित शिक्षक मधूसूदन प्रसाद मिश्र, नागेन्द्र प्रसाद पांडेय, अध्यापक अंजुला ङ्क्षसह, और सहायक शिक्षक लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा, सुधा मिश्रा को निलंबित करने का आदेश दिया है। जनशिक्षा केन्द्र बैकुंठपुर के सीएसी अशोक शुक्ला सहित गढ़वा हाइस्कूल के अध्यापक गोपाल मंडलोई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। माध्यमिक विद्यालय कुल्लू के अध्यापक मनन शर्मा और सुमेदा के सहायक अध्यापक प्रभा शुक्ला पर भी कार्रवाई का आदेश दिया है। उधर, ईजीएस शाला पिपरी के सहायक अध्यापक विजय बहादुर ङ्क्षसह और सुमेदा के भृत्य शलिक राम दूबे को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीइओ की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हडकंप मचा है।

देर से आने और जल्द जाने वाले भी होंगे चिह्नित
जिले के विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सहित अन्य व्यवस्थाएं ठीक नहीं रखने के साथ ही विद्यालय में देर से पहुंचने और जल्दी जाने व लापरवाह शिक्षकों की खैर नहीं है। बताया गया कि सीइओ के द्वारा चालू की गई शैक्षणिक गुणवत्ता सहित अन्य व्यवस्थाओं की रेंडम जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। जांच के दौरान विद्यालयों की साफ-सफाई से लेकर अन्य व्यवस्था को भी चिंह्नित किया जा रहा है।