पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों को नहीं मिला मास्क-सेनेटाइजर, समाजसेवी भी नहीं ले रहें रूचि

पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों को नहीं मिला मास्क-सेनेटाइजर, समाजसेवी भी नहीं ले रहें रूचि

रीवा

पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों को नहीं मिला मास्क-सेनेटाइजर, समाजसेवी भी नहीं ले रहें रूचि

रीवा (Rewa News). शहर के डाक विभाग में कार्यरत कर्मचारी इन दिनों अपनी कुर्सियों में बैठने का नाम लेने से भी कांपने लगते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना जैसी भयावह बीमारी से बचाव के लिए उन्हें ना तो विभाग द्वारा मास्क उपलध करवाए जा रहे हैं और ना ही हाथों को साफ करने के लिए सैनिटाइजर ही दिया जा रहा है. यही वजह है कि इन कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वह बैंकों के समान ही स्वयं को भी सारे संसाधन मुहैया कराने की मांग करने लगे हैं. सुरक्षा के नाम पर महज एक बाल्टी पानी और एक साबुन रखा गया है. ऐसे विभागों में न समाजसेवी भी रूचि नहीं ले रहें और न ही प्रशासन. जबकि पोस्ट ऑफिस किसी अन्य विभाग जैसा ही महत्वपूर्ण है. जो जनता से सीधे संपर्क वाले कामों वाला विभाग है.  

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गौरतलब है कि सूचना क्रांति के इस दौर में भी डाक विभाग का महत्व कम नहीं हुआ है और आज भी एक बड़ा वर्ग विभागीय सेवाओं का उपयोग करता है. मगर पिछले कुछ समय से बढ़ रही समस्याओं के कारण जहां कर्मचारियों में नाराजगी पैदा हो रही है, वहीं आम उपभोक्ताओं को भी इनके कारण परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं.

बैंक कर्मियों की तरह मिले सुविधा

कर्मचारियों का कहना है कि शहर के समस्त बैंकों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंकिंग प्रबंधनों की तरह सुविधा दी जानी चाहिए. जिसमें चेहरे पर ढकने के लिए ट्रिपल लेयर वाले मास्क, रोजाना सीट पर बैठने से पूर्व सैनिटाइजर का छिड़काव, हांथ के लिए सैनेटाइजर भी उपलध करवाया जाना चाहिए, मगर इस दौरान डाक कर्मियों को यह सारे संसाधन मुहैया नहीं करवाए जा रहे हैं. जबकि इन कर्मचारियों को शहरी एवं उप नगरीय इलाकों में आम जनता से सीधे संपर्क वाले काम करने पड़ते हैं.

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