69 people come to REWA after traveling abroad, there is possibility of hiding in the village ...

विदेशों की सैर करके REWA आए 69 लोग गायब, गाँव में छिपने के आसार…

रीवा

विदेशों की सैर करके REWA आए 69 लोग गायब, गाँव में छिपने के आसार…

REWA। विदेशों की सैर करके REWA में आने वाले लोगों मे से 69 अब भी मिसिंग है। इनकी तलाश में विभाग लगा तो है लेकिन अब तक मिल नहीं पाए हैं। पासपोर्ट में दर्ज पते के हिसाब से 69 लोग उस जगह पर रहते ही नहीं। ये सभी 69 लोग स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रहे हैं।

ज्ञात हो कि कोरोना वायरस विदेशों से देश आया। इसलिए विदेशों से आने वालों की हेल्थ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। REWA में विदेश घूमकर 21 मार्च के पहले तक 314 लोग आए हैं। इन सभी को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर तक पहुंच कर तलाशने की कोशिश की। यह लिस्ट दिल्ली और भोपाल से REWA पहुंची थी। इनमें से अब तक सिर्फ 245 ही मिल पाए हैं, शेष तलाशे नहीं मिल रहे हैं। विदेशी जो मिल गए हैं, उन्हें होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। शेष की तलाश अब भी जारी है।

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गांवों में छिपे हैं अन्य प्रदेशों से आए 20 हजार से अधिक लोग

पिछले दिनों से अधिक समय से REWA जिले में लॉक डाउन चल रहा है। 9 मार्च के पूर्व से कोरोना को लेकर एहतियात बरतने व सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी लेकिन एक महीने बाद भी प्रशासन यह नहीं पता कर पाया कि REWA जिले में कितने लोग विदेश से लौट आए या नहीं। जब विदेश जाने वाले लोग जिनका सत्यापन के बाद पासपोर्ट जारी होता है उनका प्रशासन पता नहीं लगा पा रहा है तो देश के अन्य प्रांतो व प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले लोगों के संबंध में प्रशासन के पास कितनी सटीक जानकारी है कह पाना कठिन है।

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आज जब कोरोना महामारी से देश के साथ पूरा प्रदेश जल रहा तब REWA में जमाती संदिग्ध मिल रहे हैं। दिल्ली का मरकज मामला सामने आने के बाद आखिर प्रशासन के हाथ यह क्यों नहीं लगे। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार को 12 लोग सूचीबद्ध किए गए हैं जिनमें शहर के लोग जो भोपाल में संदिग्ध जमाती रहे हैं। इसी तरह 9 लोग मनगवां थाना क्षेत्र के रघुराजगढ़ क्षेत्र पुलिस पकड़कर जिला चिकित्सालय लाई है।

जिनकी देर रात तक जांच की गई। बताया जा रहा है कि यह 18 मार्च के पूर्व दिल्ली से लौटे हैं। इनमें 9 लोगों में 7 दिल्ली से आए है तो एक इंदौर से आया है। एक है तो चाकघाट का है लेकिन आया दिल्ली से है और रघुराजगढ़ में रह रहा था। यहां सवाल यह है कि अभी तक हमारा तंत्र उन तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा।

अब जब खतरा बढ़ा तो फिर पुलिस व प्रशासन को संदिग्ध लोग कहां से मिलने लगे जांच का विषय है। जिला प्रशासन द्वारा मिली जानकारी अनुसार REWA जिले में 314 लोग विदेश से आए जिनमें से 79 लोगों को होम कारेंटाइन किया गया है जबकि 99 का होम कोरेंटाइन पूरा हो चुका है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में अब तक 18909 लोग अन्य प्रदेशों व जिलों से आए हैं। जिनमें 8114 को होम कोरेंटाइन किया गया है। इस तरह REWA जिले में 8193 लोगों को होम कोरेंटाइन बताया जा रहा है।

शहर सहित कस्बों में छिपे हैं लोग

देश के हांट स्पाट बने शहरों से REWA आने वाले लगभग सैकड़ों लोग है जो छिपे हुए हैं और अपनी जानकारी नहीं दे रहे हैं। यदि प्रदेश की सरकार भी जानकारी छिपाने लोगों पर यूपी व हिमांचल सरकार की तरह यहां भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दे तो एक दो नहीं अपितु हजारों की संया में लोग बाहर निकल आएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में होम कोरेंटाइन पर सवाल

बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार तक 8114 को होम कोरेंटाइन में रखा गया है। जबकि गुरुवार को 8158 को होम कोरेंटाइन किया जाना बताया गया था। इस तरह 42 लोगों को होम कोरेंटाइन से मुक्त कर दिया गया है। यहां सवाल यह है कि इन्हें होम कोरेंटाइन कर कौन रहा है। इसकी क्या गारंटी के जिन्हें होम कोरेंटाइन बताया जा रहा है पालन कर रहे हैं। वह परिवार के साथ रह रहे हैं या एक कमरे में पूरे गांव में। जिन्हें होम कोरेंटाइन से मुक्त बताया जा रहा है वह उन्हे मुक्त किसने किया। जांच का विषय है। यदि प्रशासन सजग नहीं हुआ तो स्थिति भयावह होगी।

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