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रीवा: तलाकशुदा पत्नी ने खोल डाले अधिकारी पति के 15 साल पुराने राज, जानिए क्या है मामला…

रीवा सतना

रीवा। विवादों से गहरा नाता रखने वाले सतना जिले के रोजगार अधिकारी अमित कुमार की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। चार दिन पहले 21 जुलाई को मॉडल साइंस कॉलेज की जांच कमेटी के प्रतिवेदन पर प्राचार्य ने उनकी बीएससी की अंकसूची निरस्त कर दी थी। सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य आरपी मिश्रा ने कॉलेज के रिकार्ड से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी की एफआईआर भी सिविल लाइंस थाने में दर्ज करा दी है। इसकी जानकारी आयुक्त रोजगार भोपाल को भी भेजी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अमित कुमार बीते 15 साल से फर्जी अंकसूची के जरिए नौकरी कर रहे थे।

इधर अंकसूची का मामला गर्माने के बाद से अमित कुमार अवकाश पर चल रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन से की गई जांच की रिपोर्ट भी तलब कर ली है। साथ ही जिला रोजगार अधिकारी को थाने तलब किया गया है। मामले की जांच एसआई सुरभि शर्मा को सौंपी गई है। पहले पुलिसकर्मी एफआईआर दर्ज करने तैयार नहीं थे, लेकिन एसपी के दबाव में देर रात मामला दर्ज कर लिया गया।

तलाकशुदा पत्नी ने किया राजफाश 

अमित कुमार सिंह की फर्जी अंकसूची का मामला शायद कभी बाहर नहीं आता यदि उनका पत्नी से अलगाव नहीं हुआ होता। साल 2011 में उनकी तलाकशुदा पत्नी ने इस राज से पर्दा उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद से लगातार मामले को लेकर शिकवा शिकायतें होती रहीं। वर्ष 2015 में अमित मीडिया की सुर्खियों में बने रहे लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

साल 2014 में अंकसूची को लेकर सीएम से भी शिकायत हुई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनको बचा लिया था। साल 2017 में सतना जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने उन्हें अंकसूची की मूलप्रति जमा कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही मॉडल साइंस कॉलेज के प्राचार्य व एपीएस यूनिर्वसिटी के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर मूल प्रति प्रस्तुत करने कहा था। जांच के दौरान पता चला कि अमित कुमार की अंकसूची फर्जी है।

बीएससी-एमएससी की है अंकसूची 

जिस अंकसूची को जाली बताया जा रहा है वे क्रमशः 2003 और 2005 की हैं। साल 2003 में जहां बीएससी फाइनल इयर की अंकसूची बनाई गई थी वहीं 2005 में एमएससी फाइनल की अंकसूची बनाई गई है। जांच में पाया गया कि इन अंकसूची के अनुक्रमांक, नामांकन नंबर सही नहीं है। एपीएस यूनिवर्सिटी की सूची में इन नंबरों पर किसी अन्य छात्र का नाम दर्ज है। जिसके बाद मॉडल साइंस कॉलेज के प्राचार्य आरपी मिश्रा ने अंकसूची निरस्त करने का आदेश जारी किया।

सेवा से भी हटाए जा सकते हैं अमित 

जिन अंकसूचियों की बदौलत अमित कुमार पीएससी की परीक्षा में शामिल हुए और जिला रोजगार अधिकारी का पद हासिल किया, उनके ही फर्जी पाए जाने के बाद अब उनकी नौकरी पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। अंकसूची फर्जी होने के चलते वे पीएसपी परीक्षा के लिए ही अपात्र हो जाते हैं। ऐसे में विभाग उन्हें सेवा से हटाने पर विचार कर सकता है।


उनकी अंकसूची अनुक्रमांक के अनुसार गलत पाई गई। लिहाजा अंकसूची निरस्त कर दी गई थी। साथ ही कूटनीति कर अंकसूची प्राप्त करने को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। जिसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालयों को भेजी जा चुकी है।

आरपी मिश्रा, प्राचार्य, मॉडल साइंस कॉलेज


मॉडल साइंस कॉलेज के पत्र के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जिला रोजगार अधिकारी अमित कुमार सिंह के खिलाफ धारा 467, 468, 471, 420 के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

सुरभि शर्मा, उप निरीक्षक, जांच अधिकारी, सिविल लाइंस थाना।