‘विंध्य की सियासी जमीन’ से उभरता ‘देश का गौरव’

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा में जन्मे गौरव तिवारी आज प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाते जा रहे हैं. गौरव तिवारी ने राजनीति की शुरुआत बीजेपी के विद्यार्थी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से शुरू की थी.समय दर समय गौरव संगठन के काम को निपुणता से करते हुए आगे बढे और आज वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा में राष्ट्रीय मंत्री के पद पर हैं.

दरअसल गौरव तिवारी संगठन में लम्बे समय से काम कर रहे हैं और संगठन में अपनी एक मजबूत पैठ बनाते जा रहे हैं.संगठन में कुशल काम और हर दायित्व को सफलतम पूर्ण करने के कारण संगठन लगातार नए दायित्व सौंपते जा रहा है.कुछ समय पहले गौरव को झारखण्ड का प्रभारी बनाया गया है.

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके जरिये भाजपा ने अपने चुनावी रणनीतियों को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया था. झारखण्ड राज्य का प्रभारी बनाने के पीछे गौरव का पुराना प्रदर्शन भी है.इसके पहले गौरव हिमाचल के प्रभारी थे और वहां बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी जिसके कारण विन्ध्य और छत्तीसगढ़ की सीमाओं और जातिगत समीकरण सबको भांपते हुए यह जिम्मेदारी गौरव को मिली.

दिल्ली और भोपाल के सूत्र बताते हैं की गौरव का संगठन में सामंजस्य बहुत प्रभावी हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से लेकर कोर बीजेपी संगठन में गौरव युवा मोर्चा में दिए गए दायित्वों को लेकर जाने जाते हैं.युवा नेतृत्व को ब्ज्प्प इस समय एक नयी गति देने में लगी है संगठन के साथ ही बीजेपी राजनीति के हर मोर्चे में युवाओं को बखूबी मौका दे रहे है.

शीर्ष नेतृत्व में अपनी लग पहचान बना चुके रीवा के गौरव समय-समय पर राष्ट्रीय दायित्व के तहत विन्ध्य की युवा मोर्चाकी टीम को भी बूस्ट करने आते हैं.संगठन और चुनाव प्रबंधन को लेकर छत्तीसगढ़, हिमांचल के बाद अब संगठन झारखण्ड में इस युवा तुर्क को इस्तेमाल करना चाहेगा. लेकिन झारखण्ड के पहले मप्र. में गौरव को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कयास लगाये जा रहे हैं.गौरव तिवारी की जन्मभूमि विन्ध्य में बीजेपी का संगठन हो सकता है गौरव को बड़ी जिम्मेदारी दे.